अगर समय से आ जाती दमकल की गाड़ियां तो शायद बच जाती इस मासूम परिवार की जान..

- in दिल्ली

पीतमपुरा के कोहाट एन्क्लेव में बृहस्पतिवार देर रात चार मंजिला इमारत में आग लगने से एक दंपती और उनके दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।अगर समय से आ जाती दमकल की गाड़ियां तो शायद बच जाती इस मासूम परिवार की जान..

वहीं एक बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच में आग भूतल पर बनी पार्किंग में लगे बिजली के मीटरों में शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है।

पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में आग लगने से उसने भयावह रूप लेकर सभी मंजिलों को चपेट में ले लिया। समय रहते 14 लोग बाहर निकल गए।

आग से पांच कारें, पांच स्कूटी और दो बाइक जल गईं। लोगों का आरोप है कि दमकल गाड़ियों के देर से पहुंचने की वजह से चार लोगों की मौत हुई है।

मृतकों की पहचान राकेश नागपाल (40), उनकी पत्नी टीना (37), बेटी श्रेया (3) और बेटे हिमांशु (8) के रूप में हुई है। घायल बुजुर्ग की पहचान सर्वजीत सिंह (90) के रूप में हुई है।

नेताजी सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मूलत: डबवाली (हरियाणा) के रहने वाले राकेश नागपाल कोहाट एन्क्लेव के सूरी विला में दूसरी मंजिल पर तीन साल से रह रहे थे।राकेश का चांदनी चौक के कटरा नील में कपड़ों का शोरूम है। बृहस्पतिवार रात करीब पौने तीन बजे बेसमेंट स्थित पार्किंग में लगे बिजली के मीटरों में आग लग गई। आग लगने की जानकारी पुलिस व दमकल विभाग को दी गई।

लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां काफी देर से पहुंचीं। इस बीच चौकीदार ने सभी फ्लोर की डोरबेल बजा दी। पहली मंजिल पर रहने वाले सुरेश जैन के परिवार के ग्यारह सदस्य व चौथी मंजिल पर रहने वाले सुरजीत अपनी पत्नी और नौकरानी गीता के साथ नीचे आ गए।

दूसरी मंजिल पर रहने वाले राकेश नागपाल और तीसरी मंजिल पर रहने वाले सर्वजीत सिंह के परिवार के तीन सदस्य फ्लैट में फंस गए।

मीटरों में लगी आग ने कारों, स्कूटी और बाइक को चपेट में ले लिया।

लोगों का आरोप है कि एक घंटे केे बाद दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पानी का प्रेशर नहीं होने की वजह आग बुझाने में नाकाम रही। इस बीच सर्वजीत के परिवार वाले इमारत के पिछले भाग में बने वेटिलेंशन के पास पहुंच गए।

दमकल कर्मियों ने पीछे जाकर तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दमकल की अन्य गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे में आग पर काबू पाया।

उसके बाद जब दमकल कर्मी दूसरी मंजिल पर पहुंचे, तो सीढ़ियों पर राकेश, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे झुलसे मिले। सभी को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

जांच के आदेश दिए

पहले हमें बिजली मीटरों में आग लगने की सूचना मिली थी, जिस पर कर्मचारियों ने आग के बारे में जानकारी मांगी, ताकि उसी के अनुसार गाड़ियों को भेजा जा सके। छोटी आग की सूचना पर एक गाड़ी आग बुझाने के लिए भेजी गई। मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने आग की भयावहता की जानकारी दी, तो तुरंत आठ अन्य गाड़ियों को भेजा गया। स्थानीय लोगों के आरोपों को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। -अतुल गर्ग, मुख्य अग्नि अधिकारी