अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए लोग इस मंदिर में पीसते है लाल मिर्च

- in अद्धयात्म

हम आए दिन कोई न कोई ऐसी बात सुनते है जिस पर हमें यकीन नहीं होता है। दुनिया में ऐसी बहुत सारी जगहें जो बाकी हिस्सों और दुनिया से बिल्कुल अलग है। भारत में भी बहुत सारी ऐसी जगहें है, आज हम आपको भारत की एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में आपने आ से पहले नहीं सुना होगा।

अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए लोग इस मंदिर में पीसते है लाल मिर्चतमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जो अपनी परंपरा, समृद्ध संस्कृति और विरासत के लिए जाना जाता है। वहां स्थित असंख्य मंदिर अपने आश्चर्यजनक वास्तुकला और किंवदंतियों को दर्शाती है जो उन्हें दिलचस्प बनाते हैं। आज हम आपको बता रहे है तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में स्थित एक जगह के बारे में।

 तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में अनैमालाई पहाडिय़ों में, एक मंदिर है जिसमें भक्त बहुत ही आस्था और विश्वास के साथ आते है और भगवान के आगे अपनी मनोकामना जाहिर करते है। चलो इस अद्भुत मंदिर के बारे में आपको बताते है।

 इस मंदिर का नाम मसानी अम्मान मंदिर है जो अनइमालाई मासानी अम्मान मंदिर और अरुल्मिगु मसूनी अम्मान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर तमिलनाडु में पोलाची से करीब 25 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर देवी अरुल्मिगु मसूनी अम्मान को समर्पित है, जिसे ‘न्याय की देवी’ माना जाता है।

मसानी अम्मान मंदिर का इतिहास

मंदिर के अस्तित्व के पीछे पौराणिक कथा काफी दिलचस्प है। प्राचीन काल के दौरान अनइमालाई को नन्नूर के नाम से जाना जाता था और इस क्षेत्र पर नन्नूर का शासन था। वह उन लोगों पर गंभीर दंड देता था जो उसके क्षेत्र से फल चुरा कर खाता था। दुर्भाग्यवश एक दिन एक महिला ने उसके क्षेत्र से फल खा लिया जो उसके कानूनों के बारे में नहीं जानती थी। आम जनता की याचिका के बावजूद नन्नूर ने उस महिला को मौत की सजा सुना दी। 

इसके बाद में विजयमंगलम के पास एक लड़ाई में ग्रामीणों ने नन्नूर की हत्या कर दी थी और उस महिला की पूजा करने के लिए एक मंदिर बनाया गया था जिसने अपना जीवन उनके लिए समर्पित किया था। महिला की हत्या हो गई थी इसलिए उसे शमासनी कहा जाता था, जिसे संस्कृत में ‘कब्रिस्तान’ कहा जाता है। 

लोग यहां अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए आते है। माना जाता है कि भक्त यहां पर लाल मिर्च पीसते हैं और पत्थर लगाते है और प्राथर्ना करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने के बाद उन्हें जीवन में सभी तरह की बुराई से मुक्त किया जाता है।