अभी-अभी: हिज्बुल आतंकियों ने सेना पर की गोलीबारी, 3 जवान शहीद, 3 घायल

कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी है. सुरक्षाबलों ने शोपियां जिले में आतंकियों को घेरा है. दोनों तरफ से फायरिंग जारी है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 2 जवान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं. घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शोपियां के अवनीरा गांव में मुठभेड़ चल रही है. स्थानीय स्तर पर इस इलाके को बगदाद के नाम से जाना जाता है.

पाकिस्तानी फायरिंग में शहीद हुए सूबेदार जगराम

जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय चौकियों पर पाकिस्तानी सैनिकों के शनिवार शाम बिना किसी उकसावे के गोली चलाने से भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया और एक महिला की मौत हो गई. रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने शाम पांच बजे भारतीय चौकियों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी.

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उन्होंने कहा, भारतीय सेना ने मजबूती से और प्रभावी रूप से जवाब दिया. प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी में मध्यप्रदेश निवासी नायब सूबेदार जगराम सिंह तोमर (42) गंभीर रूप से जख्मी हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.

कुलगाम एनकाउंटर में आर्मी जवान घायल

दूसरी ओर कुलगाम में चल रहे एनकाउंटर में एक आर्मी जवान के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है. घटनास्थल पर स्थानीय नागरिकों ने सेना के जवानों पर पत्थरबाजी की है. सीआरपीएफ की 18 बटालियन, 90 बटालियन, 1 आरआर, 9 आरआर और एसओजी कुलगाम ने मोर्चा संभाल रखा है. आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ जारी है. इसके अलावा श्रीनगर में डलगेट पर ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ है.

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शोपियां में हिज्बुल के 3 आतंकियों के घिरे होने की बात कही जा रही है. ऑपरेशन में सीआरपीएफ की 14 बटालियन, 3 आरआर और एसओजी जेनपोरा की टीमें लगी हुई हैं.

चकमा देकर भाग निकला अलकायदा आतंकी मूसा

कश्मीर में आतंकियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन ऑलआउट के तहत सेना, सीआरपीएफ और एसओजी ने 250 से अधिक आतंकियों की लिस्ट बनाई है. पिछले 7 महीने में सेना ने घाटी में 125 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है. शुक्रवार को अलकायदा आतंकी जाकिर मूसा भी त्राल में घिरा था, लेकिन पत्थरबाजी की आड़ में वह बच निकला.

अपने पैतृक घर में छुपा था मूसा

सुरक्षाबलों को खबर मिली थी मूसा शुक्रवार शाम त्राल के नूरपुरा स्थित अपने पैतृक घर में छुपा हुआ है. सुरक्षा बलों को नूरपुरा में अलकायदा कमांडर जाकिर मूसा के अलावा तीन और आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी. इनमें एक स्थानीय कमांडर सालेह मोहम्मद अखून भी था, जो मूसा को स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाता है.

बुरहान वानी के मारे जाने के बाद मोस्ट वांटेड जाकिर मूसा ने जुलाई 2016 में उसकी जगह ली थी. इसके बाद उसने हिज्बुल मुजाहिद्दीन को छोड़कर अपना अलग आतंकी संगठन बनाया ताकि कश्मीर में खलीफ का गठन किया जा सके. अलकायदा ने जाकिर मूसा को अपना पहला कमांडर नियुक्त किया था.

दुजाना को मारने में मिली थी सफलता

इसी माह पुलवामा में सुरक्षाबलों ने लश्कर आतंकी अबु दुजाना को मार गिराया था. दुजाना पिछले सात साल से कश्मीर में सक्रिय था और उस पर सुरक्षा एजेंसियों ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट चला रही सेना के लिए यह एक बड़ी कामयाबी थी.

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