अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात हुआ लुधियाना का बेटा

लुधियाना में जन्मे अंशदीप सिंह भाटिया अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोलॉल्ड ट्रंप की सुरक्षा की कमान संभालेंगे। 1984 के दंगों का दर्द झेल चुके परिवार के बेटे ने घर वालों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंशदीप का जन्म लुधियाना में हुआ था पर अमेरिका शिफ्ट हुए अंशदीप को ये पद पाने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात हुआ लुधियाना का बेटा

अंशदीप सिंह का चयन वाइट हाउस ने पहले ही कर लिया था लेकिन सिख होने और पगड़ी की वजह से उन्हे ड्यूटी पर बहाल नहीं किया जा रहा था। दरअसल,अमेरिकी प्रोटोकोल के मुताबिक राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्डों में शामिल होने के लिए सामान्य वेशभूषा ही होनी चाहिए। जब उनके पगको लेकर शर्तें लगाई गईं तो अंशदीप ने वहां की कोर्ट में दस्तक दी और उन्हें सफलता मिली।कोर्ट ने उनके अधिकारों का बचाव करते हुए सरकार से अंशदीप को जल्द से जल्द सेक्यूरिटी फ्लीट में बहाल करने का आदेश जारी किया।

दादा कंवलजीत सिंह भाटिया ने बताया कि अंशदीप ने पहले एयरपोर्ट सिक्योरिटी में नौकरी की। ट्रेनिंग पूरी की तो इसी सप्ताह अमेरिका में हुए एक समारोह में उसे राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड फ्लीट में शामिल कर लिया गया। अंशदीप पहले सिख हैं जो पूरी शिनाख्त के साथ सुरक्षा फ्लीट में शामिल किए गए हैं।

अंशदीप सिंह भाटिया का परिवार कानपुर में रहता था जिसने दंगे में अपनों को खोया था। सरदार अमरीक सिंह कमल गोविंद नगर में पंजाब एंड सिंध बैंक में प्रबंधक थे। बर्रा में रहने वाला यह परिवार 1984 में दंगाइयों का शिकार हो गया। छोटे बेटे की हत्या कर दी गई और बड़े बेटे देवेंद्र को भी तीन गोलियां मारी गई थीं। इसके बाद पूरा परिवार लुधियाना चला गया।

साल 2000 में देवेंद्र सिंह न्यूयॉर्क चले गए जिनके बेटे अंशदीप का जन्म लुधियाना में हुआ। छोटे से ही अंशदीप पर कुछ करने का जुनून सवार था। अमेरिका में उसके सामने सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्डों में शामिल होने के लिए सामान्य वेशभूषा ही होनी चाहिए। लेकिन अंशदीप ने एक नई नजीर भी पेश की है जिससे पूरे सिख समुदाय का मान बढ़ा है।