असम और बिहार में बाढ़ से 150 की मौत, कई क्षेत्र प्रभावित

पटना : असम और बिहार में शुक्रवार को बाढ़ से लोगों को थोड़ी सी राहत मिली लेकिन अब तक इससे 1.15 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं और बाढ़ तथा बारिश की वजह से मरने वालों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बयान जारी करके मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। दक्षिणी पश्चिमी मानसून राजस्थान के शेष क्षेत्र में भी पहुंच गया, इसके साथ ही अब पूरे द‍ेश में मानसून आ गया। दिल्ली को छोड़कर उत्तरी भारत के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। बिहार में पिछले 24 घंटों में विभिन्न इलाकों में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 14 हो गई जिससे इस मानसूनी बारिश में यह आंकड़ा बढ़कर 92 तक पहुंच गया है। राज्य में राहत और पुनर्वास अभियान पूरी क्षमता से चलाये जा रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 180 करोड़ रूपये से अधिक धनराशि वाला एक अभियान शुरु किया जिसके अंतर्गत प्रभावित लोगों को प्रत्यक्ष धन अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सहायता दी जायेगी। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला सीतामढ़ी है।

राज्य में कल तक हुई कुल 78 मौतों में यहां 27 लोगों की जानें जा चुकी हैं। यहां का इलाका अचानक आई बाढ़ से प्रभावित है। यह बाढ़ नेपाल में गत सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश की वजह से आई है। असम में बाढ़ में 11 और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है जबकि राज्य के 33 में से 27 जिलों में 48.87 लाख लोग प्रभावित हैं। शुक्रवार को एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। राज्य में कुल 1.79 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान तथा पबित्रो वन्यजीव अभयारण्य का करीब 90 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि 11 और लोगों की मौत की खबर मिली है, जिनमें बारपेटा और मोरीगांव में 3-3 लोगों की मौत हुई है। प्राधिकरण ने अपने बुलेटिन में कहा कि 3,705 गांवों में 48,87,443 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।