आंध्र और ओडिशा की तरफ बढ़ रहा ‘तितली’ तूफान, अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी पर बन रहे दबाव के कारण आए चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ने बुधवार को बेहद प्रचंड रूप ले लिया और यह तट की ओर बढ़ रहा है जिसके चलते ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों में लोगों से घरों को खाली कराना शुरू कर दिया है।

भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी पर बन रहे दबाव के कारण आए चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ने बुधवार को प्रचंड रूप ले लिया। यह तूफान धीरे-धीरे ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल यह तूफान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह तक इसकी तीव्रता और बढ़ेगी और 145 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। ओडिशा सरकार ने ‘तितली’ तूफान के मद्देनजर सुरक्षा और राहत एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। मौसम विभाग ने बुधवार को जारी अपने पूर्वानुमान में ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। जिन जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है उनमें गजपति, गंजम, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालसोर शामिल हैं। इसके अलावा खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, ढेंकानाल, रायगड़, कंधामल और केंवझर को किसी भी वक्त आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान-विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान ‘तितली’ का रूप ले लेगा और 11 अक्टूबर को सुबह गोपालपुर और कलिंगपत्तनम के बीच ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। ऐसे में 11 अक्टूबर को इन सभी जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओडिशा के मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद ने राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बुधवार से अगले निर्देश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। अनुमान है कि ‘तितली’ चक्रवात गोपालपुर और कलिंगपटनम के बीच गुरुवार सुबह दस्तक देगा, जिसकी वजह से तेज बारिश और 125 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट वाले जिलों में ‘भारी से बेहद भारी बारिश’ और राज्य के सुदूर इलाकों में ‘भीषण बारिश’ की आशंका जताई है। भुवनेश्वर में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच आर विश्वास ने कहा, ‘अगले 24 घंटे में यह तीव्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और कुछ समय के लिए पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है, जिसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़कर 11 अक्टूबर को सुबह के आसपास गोपालपुर और कलिंगपट्नम के बीच ओडिशा और उससे लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार कर सकता है।’ ओडिशा सरकार ने भी ‘तितली’ के मद्देनजर जिला अधिकारियों को तैयार रहने और जान-माल की हानि से बचने के लिए कहा है। विशेष राहत आयुक्त बिष्णुपद सेठी ने गंजम, खोरधा और पुरी में तट के समीप रहने वालों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित जगहों पर ले जाने के आदेश दिए हैं। गजपति, गंजाम, खोरधा, नयागढ़ और पुरी में झुग्गी-झोपड़ियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा, कच्चे घरों में रहने वालों को भी चक्रवाती तूफान/बाढ़ शिविरों और अन्य सुरक्षित इमारतों में ले जाया जाएगा। अन्य जिलाधिकारी भी अपने संबंधित क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा करेंगे और खतरे की स्थिति में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान आने से पहले बूढ़े, अक्षम, महिलाओं और बच्चों को निश्चित ही आश्रय गृहों में पहुंचाने से पहले विशेष देखभाल की जाने की जरूरत है। इसके साथ ही मुफ्त रसोई गैस के जरिए पके हुए भोजन, साफ पीने का पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति की व्यवस्था की जाए। बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी। सभी चक्रवाती तूफान और बाढ़ आश्रयगृहों को तत्काल जांचा-परखा जाए और लोगों को यहां लाए जाने की स्थिति में घरों को तैयार रखा जाए। पालतू पशुओं को अतिसंवेदनशील क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित जगह पर ले जाया जाएगा। जिला आपात अभियान केंद्र और नियंत्रण कक्षों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। चक्रवाती तूफान के साथ बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष राहत संगठनों के कम से कम 300 इंजनयुक्त नौकाओं को विभिन्न जिलों में तैयार रखा गया है, जबकि एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमों और दमकल कर्मियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।