आज मिल सकती है बड़ी खुशखबरी: घी-मक्खन, सेनेटरी नैपकिन सहित 30 उत्पादों पर कम हो सकता है जीएसटी

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की शनिवार को हो रही बैठक में दो से तीन दर्जन वस्तुओं पर कर की दरें घटाने का फैसला हो सकता है। इस दौरान, जीएसटी राष्ट्रीय अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन को भी हरी झंडी मिल सकती है।आज मिल सकती है बड़ी खुशखबरी: घी-मक्खन, सेनेटरी नैपकिन सहित 30 उत्पादों पर कम हो सकता है जीएसटी

कुछ धाराओं में बदलाव पर फैसला
बैठक में जीएसटी कानून की 25-30 धाराओं में बदलाव पर फैसला हो सकता है। दरअसल, जीएसटी कानून की समीक्षा के लिए परिषद ने एक समिति बनाई थी, जिसकी सिफारिश पर जीएसटी कानून की धाराओं में बदलाव किया जाना है। केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अढिया ने कुछ दिन पहले ही अमर उजाला के साथ बाचतीत में कहा था कि जीएसटी कानून में ये बदलाव व्यापारियों की सुविधा के लिए किए जाएंगे। इन बदलावों को कार्य रूप देने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन विधेयक को संसद के चालू मानसून सत्र में ही रखा जाएगा।

राष्ट्रीय अपीलीय प्राधिकरण पर विचार
इस दौरान, दिल्ली में एक राष्ट्रीय अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के मुद्दे पर भी विचार किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इसकी तीन क्षेत्रीय शाखाएं मुंबई, चेन्नई ओर कोलकाता में स्थापित होंगी। इसके सदस्य न्यायपालिका के साथ कर विभाग से भी होंगे। राष्ट्रीय न्यायाधिकरण जीएसटी व्यवस्था के तहत राज्यों में गठित अपीलीय प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ सुनवाई करेगा।

जीएसटी में आ सकती है प्राकृतिक गैस

बैठक के दौरान प्राकृतिक गैस को जीएसटी प्रणाली के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव भी आ सकता है। अभी अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की संभावना न के बराबर है, क्योंकि अधिकतर राज्य डीजल-पेट्रोल को इस दायरे में लाने पर फिलहाल बिल्कुल सहमत नहीं हैं, लेकिन प्राकृतिक गैस पर उनकी राय अलग-अलग है।

इसकी वजह यह है कि इस समय महज छह से सात राज्यों में ही प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल या तो उद्योग जगत के लिए या घरेलू या मोटर वाहन में हो रहा है। इन पर इस समय राज्य सरकारें वैट वसूल रही हैं।

जीएसटी परिषद की पहले की बैठक में प्राकृतिक गैस को जीएसटी में शामिल करने का मसला उठा था, लेकिन उस समय इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया था। उस वक्त गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने इसे जीएसटी के दायरे से अलग ही रखने की वकालत की थी।

इनपर घट सकती हैं दरें

सैनिटरी नैपकिन
मार्बल/पत्थर से बनी मूर्तियां
लिथियम आयन बैट्री
फ्यूल सेल
वाटर कूलर
आइस्क्रीम मशीनरी
हथकरघा पर बुने कपड़े
हस्तशिल्प
वनोत्पाद
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