आदमी को आखिर क्यों अब औरत की बिलकुल जरुर नही?

- in अजब-गजब

आज सुबह अचानक कुछ टूटने की आवाज़ आई तो मेरी नींद खुली।मैं घबरा के बाहर भागी तो देखा कप फर्श पे पड़ा था।पति को ओर देखते हुए मैंने कहा ,ये क्या हुआ,कैसे टूट गया?”।वो चीखते हुए बोले,”वक़्त देखा है क्या हुआ ।मेरी चाय का वक़्त हो गया है महारानी को सोने की फुर्सत नहीं।मैंने कहा ,”आप मुझे उठा देते,आप क्यों ऐसा करते हैं”।।वो और चीख़ कर बोले,” यही काम रह गया है ना,मैं इस घर का मालिक हूँ कमाता हूँ जैसा मर्ज़ी करूँ।तुम कौन हो बोलने वाली”।मैंने कहा,” मैं भी तो हिस्सा हूँ इस घर का” ।वो हँसे और बोले तुम रहो ना रहो क्या फर्क पड़ता है।मैं जो कर सकता हूँ वो तुम नहीं कर सकती”।मैं ही चुप हो गई।मैंने टूटे कप को उठाया और चाय बनाने चली गई।

ये जरुर देखें- 
अपनी भाभी का देवर ने किया अकेले में बुरा हाल, यहाँ क्लिक करके देखें पूरा विडियो

आज तीन साल से यही सब झेलती आई थी।मेरे पति वैसे ठीक थे पर जब गुस्सा आता तो मेरे साथ जानवरों जैसा ही बर्ताव करते।सब कुछ परफ़ेक्ट होना चाहिये।पर कोई भी पूरी तरह पर्फक्ट तो नहीं होता।किसी भी बात पर चीखते चिलाते।बाहर घूमने को कहो तो जवाब आता की पैसे पेड़ पर उगते हैं जो लूटा दूं तुम पर।कभी भी कुछ भी उठा कर फेंक देना।मुझे गालियां देना।

मेरे पति को बच्चे का बहुत चाव था लेकिन इस माहौल में बच्चा करना मुझे सही नहीं लगता था।इसलिये मैं गर्भनिरोधक गोली खा लेती थी।क्या करती इस तरह का बर्ताव मेरे बच्चे के साथ भी होता ।मैं ही रोज़ प्रताड़ित हो रही थी तो मेरा बच्चा भी यही सब देखता।इस बात का भी ताना सुना पड़ता कि मुझे की एक बच्चा तक नहीं दे सकती किसी काम की नहीं है पता नहीं मेरे सर पे क्यों पड़ी है।एक दिन गुस्से में मैंने कह दिया कि इस माहौल में बच्चा पैदा कर के उसे भी दुखी करूँ क्या? मैं गोली खाती हूँ अपने बच्चे को इस जहनुम में नहीं रख सकती।तो एक ज़ोर का थपड़ गाल पे पड़ा मेरे और मुझसे कहा कि,” मुझे बच्चा चाहिए अपना।मेरा वंश मेरा वारिस।किस लिये शादी करता है इंसान?मेरी किस्मत देखो ऐसी बीवी मिली है।

ये जरुर देखें- 
अपनी भाभी का देवर ने किया अकेले में बुरा हाल, यहाँ क्लिक करके देखें पूरा विडियो

कब से समझता रहा कि बांझ है और ये यह गोली कहा रही है”।मैंने कहा,” अब आपने मुझ पर हाथ उठाया तो मैं आपके साथ नहीं रहूंगी फिर पछताएंगे आप”।वो बोले,”जा जा मैं क्यों पछताऊंगा तेरे रहने ना रहने से मुझे क्या फर्क है। मैं सब खुद कर सकता हूँ तेरी ज़रूरत नहीं है।ऐसा क्या है जो तू कर सकती और मैं नहीं।तू अपना सोच”।

मेरी गोली खाना भी बंद हो गया।2 महीने बाद पता चला की मैं माँ बने वाली हूँ।मैंने ये बात पति को नहीं बताई।एक दिन किसी बात पे फिर उन्होंने मुझे ताने देना शुरू किया,बाल पकड़ के खींच दिए।फिर मैंने हाथ जोड़ कर कहा कि ऐसा मत करो मैं चली जाऊँगी ।वो बोले ,”जा तो किसे ज़रूरत है तेरी।वैसे भी आदमी को औरत की ज़रूरत नहीं। ऐसा कोई काम नहीं जो औरैत के बिना ना हो पाए”।आज मेरे सब्र का बांध टूट गया। मैं अपने आप को संभालते हुए बोली,”हाँ सही कहा आपने आदमी को औरत की ज़रूरत नहीं ऐसा कौन सा काम है जो औरत के बिना आदमी कर ना पाए।तो आज सुनिए दुनिया का सबसे बड़ा काम सबसे मुश्किल काम जिसे सृष्टि चलती वो ही आप आदमी नहीं कर सकते।बन सकतें हैं आप माँ?ला सकतें हैं एक जीता जागता इंसान इस दुनिया में?उठा सकतें हैं वो अहसेनिये तकलीफ़?बढ़ा सकते हैं औरत के बिना अपना वंश ?

ये जरुर देखें- 
अपनी भाभी का देवर ने किया अकेले में बुरा हाल, यहाँ क्लिक करके देखें पूरा विडियो

पर मैं वो काम कर सकती हूं और आज आपको बता रही हूं कि मैं माँ बने वाली हूँ।आपका वारिस मेरे अंदर है ।आप उसे निकाल कर अपनी कोख में पाल सकते हैं?मैं आज और अभी आपको छोड़ती हूँ और मेरा बच्चा भी आपको त्यागता है।जाओ और बज़ार से अपना वारिस ले आओ ला सकते हो तो।मुझसे ना भी मिला वारिस तो कोई और मिल जाएगी लेकिन होगी वो एक औरत ही।हाथ फैलाने ही पड़ेंगे भीख मांगनी ही पड़ेगी अपनी औलाद के लिये किसी औरत के आगे क्योंकि मैं अपने बच्चे के ऊपर आपका साया तक नहीं पड़ने दूंगी। औरत इस सृष्टि की करता धरता है।वो ना हो तो परिवार सुना है घर सुना है वंश सुना है।इसलिये आज के बाद कभी किसी से ना कहना कि औरत क्या ऐसा कर सकती जो आदमी नहीं कर सकता।क्योंकि औरत तो आदमी का हर काम कर सकती लेकिन आप आदमी हमसे पीछे ही हैं।भगवान ने भी आपको हमसे कम समझा इसलिये इतना बड़ा काम हमको सौंपा है।

मैं जा रही हूं! है हिम्मत तो छीन के दिखाना मेरा बच्चा क्योंकि अपने जीते जी तो आपको कभी नही सोपूंगी उसे।ये कह कर मैं दरवाज़े से निकलने लगी।वो भागते हुए आए और बोले ,”मेरा बच्चा है तुम्हरी कोख में ,मुझे माफ़ करदो रुको” ।मैंने कहा,” क्या हुआ अब क्यों हाथ फैला रहे ।आप आदमी हैं सब कर सकते तो जाओ एक बच्चा भी पैदा कर लो।या बस औरत पे हाथ उठाना आता है।अब बताओ कर सकते आप ये काम।बढ़ा लो अपना वंश अपने आप।अब ना मैं ,ना मेरा बच्चा एक मिनट भी यहाँ रुकेगा”।वो गिड़गिड़ाते रहे और मैं चली गई।अच्छी तरह समझ गए कि औरत के बस में क्या है और क्या नहीं।अब बताओ आदमी को औरत की ज़रूरत है या नहीं?

ये जरुर देखें- 
अपनी भाभी का देवर ने किया अकेले में बुरा हाल, यहाँ क्लिक करके देखें पूरा विडियो

क्यों आदमियों को ये ग़लतफ़हमी है कि वो ही हैं करता धरता एक औरत के।औरत ही है जिसका वजूद आदमी के बिना नहीं है।जब कि असल बात ये है कि आदमी कुछ भी नहीं औरत के बिना।औरत तो हर काम कर सकती आदमी का लेकिन क्या आदमी कर सकता ?नहीं!तो क्यों इतना बड़बोलापन?