आमलकी एकादशी पर आंवले से करें ये अचूक उपाय, धन की कमी हो जाएगी दूर

- in अद्धयात्म

विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया, उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इसके हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है। आंवला को शास्त्रों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है।भगवान विष्णु ने कहा है जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनके लिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष में जो पुष्य नक्षत्र में एकादशी आती है उस एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं। आमलकी यानी आंवला। इस वर्ष रविवार, 17 मार्च 2019 को आमलकी एकादशी मनाई जा रही है और ग्रह नक्षत्रों का अद्भूत संयोग बना है. रविवार का स्वामी सूर्य विष्णु देव का कारक है. यह योग बुद्धि, विद्या और धन देता है|

इसके साथ ही आंवले का नाम लेते ही मन में अपनेआप ही खट्ठे-मीठे स्वाद का एहसास होने लगता है। इसकी खासियत ये है कि ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है साथ ही कई बीमारियों में रामबाण का भी काम करता है। इसके अलावा फाल्गुन माह की एकादशी को इसका व्रत भी रखा जाता है।इस दिन आंवले के पेड़ की विधि-विधान से पूजा कर लोग उपवास रखते हैं। आचार्य मनजीत धर्मध्वज ने बताया कि आमलकी एकादशी व्रत फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। यह व्रत व्यक्ति को रोगों से मुक्ति दिलाने वाला होता है। इस व्रत में आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है।

आंवला एकादशी की महात्मय कथा
आचार्य मनजीत धर्मध्वज ने बताया कि विष्णु पुराण के अनुसार एक बार भगवान विष्णु के मुख से चंद्रमा के समान प्रकाशित बिंदू प्रकट होकर पृथ्वी पर गिरा। उसी बिंदू से आमलक अर्थात आंवले के महान पेड़ की उत्पत्ति हुई। भगवान विष्णु के मुख से प्रकट होने वाले आंवले के वृक्ष को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है।इस फल के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि इस फल के स्मरणमात्र से रोग एवं ताप का नाश होता है तथा शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यह फल भगवान विष्णु जी को अत्यधिक प्रिय है। इस फल को खाने से तीन गुना शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

आंवला एकादशी पर करें ये अचूक उपाय
1) आंवला एकादशी वाले दिन पेड़ के नीचे बैठकर भगवान शिव, विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजा करें, ऐसा करने से घर में पैसों की कमी दूर हो सकती है.

2) गरीबों और ब्राह्मणों को आंवला दान करें, ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है.

3) आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन बनाएं और ब्राह्म्णों को खिलाएं. ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है.

4) आंवला एकादशी के दिन घर में आंवले का पौधा लगाएं, ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है.

5) आंवला एकादशी वाले दिन आंवले के पेड़ पर हल्दी का स्वस्तिक बनाएं, ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी.

6) आंवला एकादशी पर चंदन व हल्दी मिलाकर आंवले की जड़ में डालें, ऐसा करने से आपका रुका हुआ पैसा जल्दी मिल सकता है.