आयुर्वेद टूरिज्म के लिए मशहूर है केरल, ये है घूमने की 5 वजह

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अगर आपको नेचर का साथ पसंद होने के साथ घूमने-फिरने का भी शौक है, तो आपको ऐसी जगहों को एक्सप्रोर करना चाहिए, जहां जाकर आपको प्रकृति से जुड़ाव महसूस हो सके. अगर आप ऐसी ही जगहों को तलाश रहे हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी ही जगह, जहां आप घूमने के साथ आयुर्वेद को भी करीब से समझ पाएंगे. केरल आयुर्वेद टूरिज्म के लिए दुनिया भर में मशहूर है, यहां पर लोग आयुवेद थेरेपी लेने के लिए आते हैं. इसके अलावा ये 5 वजह आपको केरल घूमने के लिए मजबूर कर देगी. 

जुलाई और सितंबर के बीच स्नेक बोट रेस का आयोजन होता है. इन सबमें सबसे प्रसिद्ध नेहरू ट्रॉफी बोट रेस है, जिसका आयोजन आमतौर पर हर साल अगस्त के दूसरे शनिवार को होता है. 

अगर आप यहां के लोकल फूड का आनंद लेना चाहते हैं, तो केरल में आपको बहुत मजा आएगा आपको यहां के शानदार जायके बहुत ही अच्छे लगेंगे. 

 केरल के महंगे होटलों और रिजॉर्ट में समय बिताने के लिए यह अच्छा मौका होता है. सितंबर से पहले जाने पर डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं। इसके बाद चार्ज काफी बढ़ जाता है. 

केरल में कई शानदार स्पा और वेलनेस रिजॉर्ट हैं, जिसके लिए मॉनसून सीजन से बेहतर कोई समय नहीं है. आयुर्वेद आपको फिर से जिंदगी के प्रति सकरात्मक बनाने में आयुर्वेद का अहम रोल होता है.

झरने, पौधे और रेनफॉरेस्ट से घिरी पहाड़ियां फोटोग्राफर्स के लिए जन्नत से कम नहीं है. वायनाड वन्यजीव अभ्यारणय में इन दिनों कई प्रवासी पक्षियों का झुंड देखने को मिलेगा. यहां का पर्यटन विभाग जुलाई में एक मॉनसून कार्निवल का आयोजन भी करता है.