इसलिए महिलाओं को जरुर देखनी चाहिए पोर्न फिल्में

- in 18+, अजब-गजब

क्या आप पॉर्न फिल्में देखती हैं? ये सवाल अगर आप किसी पुरुष से पूछते हैं तो वो बेबाकी से आपको जवाब देगा लेकिन अगर यही सवाल किसी महिला से पूछा जाए तो शायद ही वो हामी भर पाएं। पॉर्न, ये एक ऐसा शब्द है जो सबके दिमाग में चलता है लेकिन कोई भी इसके बारे में बात नहीं करना चाहता। भारतीय समाज में पॉर्न को लेकर नजरिया हमेशा से नाकारात्मक ही रहा है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस बात के बारे में कभी चर्चा ही नहीं की गई। अगर किसी लड़की ने सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर बात भी कर ली तो लोग उसे चरित्रहीन मान लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ समाज का एक तबका ऐसा भी है, जो इसे ऑर्गेज्म बूस्टर मानता है। सेटिस्फेक्शन यानि संतुष्टि पाना सिर्फ पुरुषों की बपौती नहीं है बल्कि महिलाओं में भी डिजायर होती है। तो फिर क्यूं समाज में खुले तौर पर इसकी आलोचना की जाती है। वैसे ‘पॉर्न’ देखना हमेशा गलत नहीं होता। ये आपके रिश्ते को और भी ज्यादा बेहतर बनाने में आपकी मदद करता है। इससे आपकी फिजिकल लाइफ तो अच्छी होती ही है, साथ ही इसके कई अन्य फायदे भी हैं। आइए जानते हैं कैसे?इसलिए महिलाओं को जरुर देखनी चाहिए पोर्न फिल्में

रिलेशनशिप में बढ़ता है प्यार
जब भी आप किसी रिलेशनशिप में होते हैं तो अपने पार्टनर को हर तरह से खुश रखना चाहते हैं, फिर चाहे वो फिजिकल लेवल पर हो या इमोशनल फ्रंट पर। कई बार फिजिकल रिलेशनशिप में आई दूरियां रिश्ते को बिगाडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में ‘पॉर्न’ से आपको काफी मदद मिल सकती है।
 
अपोजिट सेक्स के बारे में ज्यादा जानने का मौका
विपरीत लिंग के बारे में अधिक जानने के लिए पॉर्न एक अनुदेशात्मक वीडियो की तरह है। अगर आप  अपने लव पार्टनर के साथ एडल्ट मूवी देख रहे हैं तो यह आप दोनों को निकटता का अहसास तो देता ही है आपकी अंतरंगता को भी बढ़ा देता है। इससे कपल्स के बीच आपसी रोमांटिक अंडरस्टेंडिंग बढ़ती हैं और उनकी लव लाइफ में सुधार आता है।
 
सेक्स ड्राइव को बढ़ाता है
आजकल लाइफस्टाइल के चलते बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो सिर्फ घर-बाहर के कामों में ही पूरा दिन उलझी रहती हैं। ऐसे में थकावट होने  के कारण उनमें सेक्स के प्रति उनकी रूचि यानि की सेक्स ड्राइव कम होने लगती है। वहीं ‘पॉर्न’ देखने से सेक्स के प्रति आपकी रुचि फिर से बढऩे लगती है, जिसका सीधा फायदा आपके रिश्ते पर पड़ता है। नए सेक्स मूव का ज्ञान रोजाना एक ही चीज करते-करते अगर आप बोर हो गए हैं तो पॉर्न देखने से आप अपनी सेक्सलाइफ को बेहद रोमांचित बना सकते हैं। नए सेक्स  मूव्स, ओरल सेक्स टैक्नीक के साथ कुछ नयापन ला सकते हैं। यही नहीं पॉर्न आपको शॉट सेक्स ट्रिक्स भी सिखाता है जिससे आप आर्गेज्म तक जल्दी पहुंच सकते हैं।
 
तनाव से राहत
तनाव को दूर करने के लिए पॉर्न एक हद तक सही माध्यम है। एक लंबे समय तक सेक्स न कर पाने की वजह से शरीर में एक अजीब तरह का तनाव उत्पन्न हो जाता है, जो कि पॉर्न देखने के  बाद रिलीज हो जाता है। इससे एक तरह से हमारे शरीर को स्वाभाविक रूप से संभोग सुख जैसा आराम  मिलता है।
 
सेक्सी एंड हॉट फील कराता है
जब आप पॉर्न देखते हैं तो आपको महसूस होगा कि आप भी किसी सेक्सी एंड हॉट वूमन से कम नहीं है। आप में भी वो सभी आदाएं है जो किसी पुरुष  को उत्तेजित करने के लिए काफी है। इससे आप में वूमेन ऑन टॉप सेक्स पोजिशन करने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
 
संतुष्टि मिलती है
अक्सर सेक्स के दौरान पुरुष जल्दी स्खलित हो जाते हैं, ऐसे में महिलाओं को ऑर्गेज्म तक पहुंचने का मौका भी नहीं मिल पाता है। पॉर्न देखने से  महिलआों में उत्तेजना बढ़ती है व उन्हें पूर्ण रूप से संतुष्टि भी मिलती है। यदि पॉर्न देखने के बाद सेक्स करते हैं तो ऑर्गज्म के स्तर पर जल्दी पहुंचा जा सकता है।
 
शोध क्या कहते हैं?
एक सर्वे एजेंसी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि एकांत में दो तिहाई महिलाएं अपने फोन में या फिर अन्य  किसी साधन के माध्यम से पॉर्न फिल्में देखना पसंद करती ह। आपको बता द कि अभी तक इस मामले मेंसर्वाधिक अनुपात पुरुषों का ही रहता था।
 
क्या आपको पता है?
इंटरनेट के इस्तेमाल के मामले में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश है। यहां करीब 30 करोड़  या उससे भी ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। आंकड़े बताते हैं कि यहां इंटरनेट का 60 प्रतिशत ट्रैफिक पॉर्न से जुड़ा हुआ है। भारत में गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च करने वाले शब्दों में पॉर्न भी शामिल है।
 
क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?            
क्या पॉर्न देखना महिलाओं की सेक्स डिजायर पर भी असर डालता है? इस संबंध में सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश कोठारी कहते हैं कि ‘पॉर्न फिल्में एक  तरह का सेक्स एजुकेशन हैं, जिसका मतलब ये नहीं होता है कि उन्हें लोगों को वो सिखाना है, जो वो नहीं जानते, उन्हें उस तरह का आचरण करना सीखाना है जिससे वो अभ्यस्त नहीं है।’ वहीं कई अन्य अध्ययन यह भी कहते हैं कि पॉर्न देखना मस्तिष्क या दिमाग को स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि यह आपके लिए अच्छा हो सकता है। विशेषज्ञ  सलाह देते हैं, पॉर्न को केवल शारीरिक सुख के लिए न देखें, बल्कि अपने साथी के साथ एक संपूर्ण सुखद अनुभव के लिए देखें।