कर्नाटक परिणाम पीएम मोदी की लोकप्रियता का शिखर,राहुल इस्तीफा दें : रामनारायण साहू

लखनऊ : भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सासंद रामनारायण साहू ने कर्नाटक चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता का शिखर बताते हुए का कि भाजपा 2019 का सेमीफाइलन हो गया है। अब भाजपा के विजयी रथ को रोक पाना विपक्ष के बस में नही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहं जहं चरण पड़े राहुल के तहं तहं बंटाधार हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रामनारायण साहू ने कहा कि मैने कर्नाटक के चार जनपदों की 19 विधानसभा सीटों के दौरे के उपरान्त कहा था कि भाजपा कर्नाटक में बहुमत की सरकार बनाएगी। दावे के हिसाब से भाजपा कर्नाटक में कामयाब रही। देश में आज भी मोदी का जादू बरकरार है। देश में आने वाले लोकसभा 2019 चुनाव में फिर से श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने तय है। कर्नाटक के चुनाव परिणाम के बाद का आकलन यह है कि एनडीए को 350 सीटें मिलेगी। कर्नाटक के साथ भाजपा की 70 प्रतिषत आबादी से सीधे जुड़ चुकी है। देश के लोग आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सर्वे बता चुके है कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सर्वे में पीएम मोदी लोकप्रियता के मामले में इंदिरा गांधी से 16 फीसदी आगे हैं। भारत में तो इस समय निर्विवाद रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। परन्तु अब यह सिर्फ भारत की बात नहीं रह गयी है। मोदी की लोकप्रियता का फलक दिन-प्रतिदिन विस्तृत से अति-विस्तृत होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी बीते दिनों आए प्यू इंटरनेशनल के सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ था कि देश में मोदी की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है,। गैलप इंटरनेशनल नामक एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के सर्वेक्षण में मोदी दुनिया के तीसरे सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। इस सूची में मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित रूस, ब्रिटेन आदि कई महाशक्ति देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पछाड़ दिया है। मोदी से ऊपर मौजूद दो लोगों में पहले नंबर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रान और दूसरे स्थान पर जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल हैं। इनके बाद और कोई वैश्विक नेता मोदी की लोकप्रियता के समक्ष टिक नहीं सका है। यूँ तो प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता का अनुमान उनकी विदेश यात्राओं के दौरान लोगों द्वारा उनके स्वागत को देखते हुए लगाया जा सकता था। लेकिन अब लोकप्रियता को कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद एक तथ्यात्मक आधार भी प्राप्त हो गया है।