क्या वाकई में मंगलवार को नॉनवेज खाने से हो जाता है पाप…

- in अद्धयात्म

मंगलवार को नॉनवेज 

हजारों साल पहले जब इंसान आदिमानव हुआ करता था तब उन लोगों का मुख्य भोजन मांस ही होता था. लेकिन बाद में जैसे-जैसे सभ्यता का विकास होता गया वैसे-वैसे लोगों ने शाकाहार को अपनाया. हालाँकि शाकाहारी और मांसाहारी होने के अपने-अपने फायदे है तो ये किसी इंसान की इच्छा पर ही निर्भर करता है कि वह क्या खाना पसंद करता है.क्या वाकई में मंगलवार को नॉनवेज खाने से हो जाता है पाप...

लेकिन हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का अपना महत्त्व बताया गया है और सातों दिन को किसी ना किसी भगवान को समर्पित है. वेद-पुराणों के अनुसार इन सात दिन में कुछ दिन ऐसे भी है जिनमे कुछ काम को न करने की सलाह दी गई. इसी तरह से मंगलवार का दिन भी है जिसमे नॉनवेज ना खाने को कहा जाता है. वैसे मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित किया गया है, इस दिन भगवन राम के परम भक्त हनुमान की पूजा और उपसना की जाती है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि हिंदू धर्म में लोगों को मंगलवार को नॉनवेज के सेवन से बचना चाहिए. हालाँकि सिर्फ मंगलवार ही नहीं बल्कि गुरुवार और शनिवार को भी पवित्र माना जाता है और इन दिनों में भी मांस का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है. वेद-पुराणों के अनुसार मंगलवार को बेहद पवित्र माना गया है और ये सभी दिन देवी-देवता को समर्पित है इसलिए मंगलवार को नॉनवेज का सेवन नहीं करना चाहिए.

वहीं एक प्रचलित पौराणिक कथा की माने तो ब्राह्मण चाहते थे कि सभी लोग शाकाहार का सेवन करें. अपनी इस इच्छा को मनवाने के लिए उन्होंने लोगों को सभी देवताओं की कथा सुनाई. इसके बाद लोगों ने अपनी श्रृद्धा अनुसार अपने चुनाव से कहा कि वो जिस देवता का पूजन करते है उस दिन मांस का सेवन नहीं करेंगे. मंगलवार को अधिकतर लोग हनुमान जी का पूजन और उपसना करते है इसलिए वे लोग मांस का सेवन नहीं करते है.

वहीं दूसरी प्रचलित कथा की माने तो लोग अपने आप पर नियंत्रण पाना चाहते थे इस कारण मांस के सेवन को उन्होंने सीमित कर दिया और एक ख़ास दिन फिर वो चाहे मंगलवार ही क्यों ना हो उस दिन मांस खाना बंद कर दिया. इसे देवी-देवता से जोड़कर पवित्र दिन के रूप में जोड़ दिया गया है. इसलिए लोग मंगलवार को नॉनवेज का सेवन नहीं करते है. वहीं दक्षिण भारत की बात करे तो वहां पर मंगलवार को स्कंद या कार्तिकेय या मुरगन की पूजा की जाती है इसलिए वहां पर भी मंगलवार को नॉनवेज और मदिरा से दूर ही रहते है.

कहने का मतलब यही है कि मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में ख़ास दिन होता है और इस दिन ना सिर्फ मांस बल्कि मदिरा का सेवन और केश कर्तन आदि नहीं किया जाता है. इसलिए आपने देखा होगा कि अधिकतर मांस की दुकाने मंगलवार के दिन बंद ही रहती है वहीं केश कर्तन की दुकानों पर भी आपको ताले ही नज़र आते है. तो अगर आप भी मंगलवार को नॉनवेज का सेवन नहीं करते है तो ये अच्छी ही बात है हफ्ते में एक दिन इष्ट देवता का पूजन भी जरुरी है.