गर्भवती होने के संकेत देते हैं ये 6 लक्षण

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मां बनना किसी भी महिला के लिए जीवन के सबसे बड़े उपहार जैसा होता है और इस खबर को सुनने के लिए हर महिला बैताब रहती है। यूं तो गर्भधारण करने पर कुछ लक्षण साफ दिखाई दे जाते हैं लेकिन कई बार कुछ महिलाएं शुरूआती समय में गर्भधारण के लक्षणों को समझ नहीं पाती। जिससे कि स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं के होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानें महिलाओं में गर्भधारण के दौरान गर्भावस्था के लक्षणों को।गर्भवती होने के संकेत देते हैं ये 6 लक्षण

गर्भावस्था के दौरान सिर्फ महिला ही दूसरा जन्म नहीं लेती बल्कि पुरूष का भी ये दूसरा जन्म माना जाता है। चाहे फिर भ्रूण महिला के भीतर ही क्यों न पल रहा हो। पुरूष का भी जुड़ाव उतना ही माना जाता है। कहा भी जाता है एक महिला तभी संपूर्ण होती है जब वह गर्भधारण करती है।

माहवारी का बंद होना  

स्वस्थ महिला को प्रतिमाह माहवारी निश्चित समय या उसके आसपास होती है लेकिन गर्भधारण करते ही माहवारी आनी बंद हो जाती है। यह गर्भधारण का सबसे पहला लक्षण माना जाता है।

उल्‍टी आना

अधिकाश: महिलाओं को गर्भावस्‍था के शुरूआती 3 महीनों में सुबह-सुबह मतली आने की समस्‍या सबसे ज्‍यादा होती है। गर्भधारण के प्रारंभिक लक्षणों में जी मिचलाना, उल्टी आना इत्यादि शामिल है। अगर आपको इसमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो समझ लेना चाहिए कि आप गर्भवती है।

सिरदर्द

गर्भावस्था के संकेतों में सिर दर्द भी शामिल हैं। सिर दर्द तो कभी भी हो सकता हे लेकिन हार्मोंस के निरंतर बदलाव के कारण तनाव होने लगता है जिससे कुछ महिलाओं को सिर दर्द की शिकायत होने लगती है।

स्‍तनों में भारीपन

स्‍तनों में गर्भावस्था के दौरान दर्द होने लगता है। हालांकि ये दर्द माहावारी से पहले भी होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्तन कोमल भी हो जाते हैं। साथ ही स्‍तनों में भारीपन, उनके आकार में परिवर्तन, निपल्‍स के आसपास के हिस्‍से में ज्‍यादा कालापन आना और स्‍तनों में नसों का फूलना आदि गर्भावस्‍था के लक्षण है।

बहुत अधिक थकान

गर्भधारण करने के पहले हफ्ते से ही बहुत अधिक थकान होना, खासतौर पर सुबह के समय थकान, एक प्रमुख लक्षण है। इस अवस्था में शरीर में प्रोजेस्टोरोन हार्मोन बनता है जिससे शरीर बहुत जल्दी थक जाता है।

बार-बार यूरीन आना

गर्भावस्‍था के शुरूआती दिनों में यूरीन बार-बार आता है क्‍योंकि इस दौरान आपका शरीर अतिरिक्‍त तरल पदार्थ उत्‍पादित करता है जिससे मूत्राशय पर दबाव पड़ता है और आपको बार-बार यूरीन के लिए जाना पड़ता है।

गर्भावस्था सुझाव में डॉक्टर नियमित जांच कराने, पौष्टिक आहार लेने, खूब पानी पीने, फल-जूस इत्यादि के सेवन के साथ ही प्रतिदिन व्यायाम की सलाह भी देते हैं। इन लक्षणों का ध्यान रख आप आसानी से पता कर सकती हैं की आप मां बनने वाली हैं। लेकिन फिर भी डॉक्टर से एक बार जांच व रक्त परिक्षण करा लेना ठीक रहता है। इससे आपको भी पूरी तरह संतुष्टी हो जाती है और मन में कोई शंका नहीं रहती।