चीन ने रक्षा बजट में की सात फीसदी की बढ़ोत्तरी 

बीजिंग । पड़ोसी देश चीन ने अपनी सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए रक्षा बजट में तकरीबन सात प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। साल 2010 के बाद से ही रक्षा बजट में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन अब एक साथ ही सात फीसद का इजाफा किया गया है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा आज यानी रविवार को की जाएगी। इसका प्रमुख कारण अमेरिका से संबंधों में आई तल्खी को भी माना जा रहा है। साथ ही दक्षिण चीन सागर और ताइवान से संबंधों में आई गरमाहट भी इसकी एक बड़ी वजह रही है। बता दें कि पिछले वर्ष चीन की अर्थव्यवस्था ने बेहद धीमी रही है और इस दौरान उसका रक्षा बजट भी दूसरे वर्षों के मुकाबले कम ही रहा था। हालांकि इसकी घोषणा आज पांच मार्च को होगी। माना जा रहा है कि चीन अपने रक्षा बजट में इजाफा कर अपने विरोधियों को एक संदेश देना चाहता है। देश के सरकार चीनी मीडिया ने भी हाल ही में चीन के रक्षा बजट को बढ़ाने की अपील की थी। उनका तर्क था कि देश का रक्षा बजट कम से कम अमेरिका के बराबर बढ़ना ही चाहिए। मीडिया द्वारा दो वरि जनरल के हवाले से कहा था कि अमेरिका की बराबरी करने के लिए चीन को कम से कम बारह फीसद तक अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी करनी ही चाहिए।
रक्षा बजट में सात फीसद से अधिक के इजाफे के बाद भी सेना के अधिकारी इससे खुश नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस फैसले से जवान भी नाखुश हैं। चीनी संसद के प्रवक्ता ने इस बजट में इजाफे की जानकारी देते हुए कहा कि चीन देश के जीडीपी का करीब 1.3 फीसद खर्च रक्षा क्षेत्र में होता है। पिछले कुछ वर्षों से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। मौजूदा वर्ष में चीन ने करीब 6.5 की आर्थिक विकास दर पाने का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष यह 6.5से 7 तक थी।