छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण में मतदान जारी, आज ईवीएम में कैद होगा 72 सीटों का नतीजा

छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को हुए पहले चरण के चुनावी घमासान के बाद, बारी अब 20 नवंबर को दूसरे चरण के सियासी दंगल की है, जिसे फतह करने वाले के सिर ही सत्ता का ताज सजेगा। छत्तीसगढ़ के सियासी अखाड़े में दूसरे चरण में 72 सीटों पर कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी है। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 1079 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला इसी महीने की 20 नवंबर को (आज) जारी है। दूसरे चरण की 72 सीटों में मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि साल 2013 के चुनाव में बीजेपी ने इन्हीं सीटों पर बढ़त बनाई थी, जबकि पहले चरण की 18 सीटों में से ज्यादा सीटें कांग्रेस के पास थीं। मौजूदा सरकार के कई मंत्री एक बार फिर अपना भाग्य आज़मा रहे हैं। कुछ के खिलाफ़ एंटी इंकम्बेंसी भी चल रही है तो कुछ अपनी जीत निश्चित मान रहे हैं। कई सीटों पर कांटे की टक्कर भी है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 72 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। इन सीटों को जीतने के लिए कांग्रेस और भाजपा ने रणनीति के साथ-साथ जातीय समीकरण के गणित को भी बैठाने की कोशिश की है। लेकिन पिछली बार करीब दो दर्जन ऐसी सीटें रहीं, जिनपर जीत-हार का फासला कुल पड़े मतों के पांच फीसदी से भी कम था। इन सीटों पर तमाम गणित के बावजूद पार्टियों की सांसें अटकी हैं। उनकी सांसे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की एंट्री से और तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है। इस बार भाजपा 65 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर चौथी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में है। वहीं लंबे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस को उम्मीद है कि जनता इस बार बदलाव के लिए वोट देगी। राज्य में अपनी पार्टी की सरकार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, अनेक केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती समेत अनेक नेताओं ने लगातार रैलियां की है। दूसरे चरण में राज्य के नौ मंत्री रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, बैकुंठपुर से भैय्यालाल राजवाड़े, प्रतापपुर से रामसेवक पैकरा, मुंगेली से पुन्नूलाल मोहले, भिलाई नगर से प्रेमप्रकाश पाण्डेय, नवागढ़ से दयालदास बघेल और कुरूद से अजय चंद्राकर चुनाव मैदान में हैं। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा से, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल कसडोल से और पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल जांजगीर-चांपा से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे चरण में ही पाटन से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल, अंबिकापुर से विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव, दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू और सक्ती से पूर्व केन्द्रीय मंत्री चरणदास महंत भी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। दोनों ही पार्टियां जहां अपने जीत के दावे कर रही हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे कांटे की टक्कर मान रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हर बार मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच देखा जाता था, लेकिन जोगी और बसपा के गठबंधन ने यहां नया सियासी समीकरण गढ़ दिया है। ऐसे में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मरवाही सीट से, उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी बसपा की टिकट से अकलतरा सीट से चुनाव मैदान में हैं। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी का गठन करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। जोगी कांग्रेस भी पहले चरण की 18 सीटों में से 10 पर जीत का दावा करते हुए, दूसरे चरण की 72 सीटों पर मजबूत स्थिति की बात कह रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी राजनीति में प्रवेश से पहले कलेक्टरी कर चुके हैं और इस बार के चुनाव में भी एक आईएएस की एंट्री पॉलिटिक्स में हुई है। कलेक्टरी की नौकरी छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले ओपी चौधरी के सामने झीरम हादसे में मारे गये नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल पटेल हैं, जो यहां के मौजूदा विधायक भी हैं, इसलिए यह सीट सबसे हॉट मानी जा रही है। बहरहाल चुनाव से पहले नतीजों को लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मुकाबला टक्कर का है और प्रत्याशियों का भविष्य जनता तय करेगी। दूसरे चरण के चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने कमर कस ली है।
इन सीटों के इतिहास ने डराया
भरतपुर-सोनहाट, महेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, भाटगांव,पथलगांव, कोटा, लोरमी, मुंगेली, तख्तपुर, बेलतारा, चंदरपुर, जैजैपुर,बसना, खलारी, महासमुंद, धरसिवा, रायपुर शहर ग्रामीण, रायपुर शहर पश्चिम, रायपुर शहर उत्तर, राजिम, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, पंडारिया, कवर्धा, अंतगढ़।
चुनावी बिसात
– 72 सीटों पर होगा मतदान
– 46 सीटें सामान्य श्रेणी की
– 17 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए
– 9 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए
– 1079 प्रत्याशी मैदान में
– 119 इनमें से महिलाएं हैं
– 1,53,85,983 कुल मतदाता
– 77,46,628 पुरुष
– 76,38,415 महिलाएं
– 940 तृतीय लिंग
– 19,296 मतदान केंद्र बनाए गए हैं
– 1 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
– 6 जिले इस चरण में नक्सल प्रभावित
2013 चुनाव की स्थिति
– 43 पर भाजपा काबिज
– 27 कांग्रेस के खाते में
– 1-1 बसपा व निर्दलीय