छिपकली की कीमत 40 लाख रुपये

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नई दिल्ली : आज हम आपको एक ऐसी छिपकली के बारे में बताएंगे जिसे पहले आपने ना सुना होगा और ना ही कहीं पढ़ा होगा। बता दें कि इस दुर्लभ छिपकली का नाम ‘गीको’ है। ये ‘टॉक-के’ जैसी शब्द की आवाज निकालती है, इसलिए इसे ‘टॉके’ भी बोला जाता है। इसका दाम 40 लाख रुपए है। इसके इतने बड़े दाम की वजह है इसमें छिपे कई गुण। असल में इस छिपकली का मांस दवाइयां बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में नपुंसकता, मधुमेह, एड्स एवं कैंसर की परंपरागत दवाई तैयार की जाती है। यहां तक कि इस छिपकली का उपयोग मर्दानगी बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। चीन में चाइनीज ट्रेडिशनल मेडिसिन में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस कारण इंटरनेशनल ब्लैक मार्केट में इस छिपकली का दाम 40 लाख तक है। उल्लेखनीय है कि यह छिपकली दक्षिण-पूर्व एशिया, बिहार, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत, फिलीपींस और नेपाल में पाई जाती है। जंगलों की लगातार कटाई के कारण अब ये छिपकली समाप्त होने के कगार पर है।