जज की पत्नी और बेटे को सुरक्षाकर्मी ने क्यों मारी गोली, एसआईटी का चौंकाने वाला खुलासा

प्रेस कॉफ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जज के घायल बेटे ध्रुव की स्थिति बेहद गंभीर है। उसका मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा है। डॉक्टरों की टीम उसे बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। उसकी सेहत में कोई सुधार न होने से डॉक्टर चिंतित हैं।

नई दिल्ली : जज की पत्नी व बेटे को गुरुग्राम में सुरक्षाकर्मी द्वारा गोली मारे जाने के मामले में बुधवार को एसआईटी ने सनसनीखेज खुलासा किया। एसआइटी की जांच में पूरी घटना का मकसद ही बदल गया है। एसआइटी के अनुसार इस गोलीकांड का धर्म परिवर्तन से कोई मतलब नहीं है। न ही महिपाल जज के परिवार से पहले से खफा था। डीसीपी क्राइम सुमित ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि ये घटना त्वरित गुस्से में हुई है। महिपाल ने पहले से हत्या की प्लानिंग नहीं की थी। वह पिछले डेढ़ साल से जज के परिवार की सुरक्षा संभाल रहा है। एसआइटी टीम को पूछताछ में महिला ने बताया कि घटना वाले दिन वह जज की पत्नी व बेटे को मार्केट में छोड़कर कहीं चला गया था। वहीँ, खरीदारी करने के बाद जज का परिवार काफी देर तक महिपाल को तलाशता रहा, लेकिन वह नहीं मिला। महिपाल काफी देर बाद वापस आया था। इस पर उसे सरेआम काफी डांटा गया था। इसी दौरान गुस्से में आकर उसने जज की पत्नी रितु व बेटे ध्रुव को गोली मारी थी। बताया जा रहा है कि महिपाल के देरी से पहुंचने पर जज के बेटे ध्रुव ने महिपाल से काफी बदसलूकी की थी। ध्रुव द्वारा महिपाल को सार्वजनिक तौर पर थप्पड़ मारने की भी बात कही जा रही है। इसीलिए उसने अचानक इस घटना को अंजाम दिया। डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में महिपाल ने जज के परिवार द्वारा परेशान किए जाने की बात से भी इंकार किया है। महिपाल ने बताया है कि जज का परिवार बहुत अच्छा था। उसे खुद समझ नहीं आ रहा है कि उस दिन कैसे वह बेकाबू हो गया। महिपाल ने पहले से कोई मर्डर का प्लान नही बनाया था। पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम में धर्म परिवर्तन का कोई मामला अभी तक की जांच में सामने नहीं आया है। अभी तक की जांच में महिपाल द्वारा भी धर्म परिवर्तन करने की पुष्टि नहीं हुई है। महिपाल ने भी पूछताछ में धर्म परिवर्तन की बात से इंकार किया है। मालूम हो कि अब तक जज के परिवार पर हमले की मुख्य वजह महिपाल द्वारा उन पर इसाई धर्म अपनाने का दबाव माना जा रहा था। बताया जा रहा था कि महिपाल ने खुद भी इसाई धर्म अपना लिया था। अब वह जज के परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। धर्म परिवर्तन न करने से नाराज होकर उसने इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार अभी तक की जांच में ये कहानी एकदम गलत है। पुलिस के अनुसार महिपाल को घटना के बाद मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलते ही पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी गई थी। घटना के डेढ़ घंटे बाद ही महिपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तार होने के बाद शुरुआत में ही उसने अपना जुर्म कुबूल लिया था। प्रेस कॉफ्रेंस में मौजूद डीसीपी सुलोचना गजराज व डीसीपी सुमित कुहाड़ ने बताया कि घटना के दौरान पूछताछ में जज ने भी बताया कि उन्होंने या उनके परिवार ने महिपाल को कभी दुखी नहीं किया। उसे कभी परेशान नहीं किया जाता था। वह घर के सदस्य का तरह ही था। पूरे परिवार को उस पर बहुत भरोसा था। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि महिपाल इतना गुस्से वाला है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में कोर्ट से गुजारिश की जाएगी कि महिपाल को सख्त से सख्त सजा दी जाए।