जम्मू-कश्मीर में बौखलाए आतंकी पुलिस के परिजनों का कर रहे हैं अपहरण, अब तक सात अगवा


श्रीनगर : बौखलाए आतंकी संगठनों ने अब पुलिसकर्मियों के परिवार को निशाना बनाना शुरू किया है। बीते दो दिनों के अंदर अज्ञात आतंकियों के समूह ने कश्मीर घाटी के अलग-अलग जिलों से 7 लोगों को अगवा किया है। हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजीपी स्वयं प्रकाश पाणि ने इन घटनाओं की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस अभी तथ्यों की जांच कर रही है। अगवा किए गए सभी लोग अलग-अलग पुलिसकर्मियों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों के पारिवारिक सदस्यों का अपहरण होने के बाद अब सेना बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाकर इनकी तलाश में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के अरवानी बिजबेहड़ा में रहने वाले आरिफ अहमद शंकर नाम के एक युवक को अगवा किया है, जिनके भाई नजीर अहमद यहां जम्मू-कश्मीर पुलिस में एसएचओ हैं। आतंकियों ने अरवानी से जुबैर अहमद भट का भी अपहरण किया है। इनके पिता मोहम्मद मकबूल भट जम्मू-कश्मीर पुलिस में हैं।

वहीं दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से आतंकियों ने खारपोरा निवासी पुलिसकर्मी बशीर अहमद के बेटे फैजान और येरीपोरा निवासी पुलिसकर्मी अब्दुल सलेम के बेटे सुमेर अहमद, काटापोरा के डीएसपी एजाज अहमद के भाई गौहर अहमद के भी अगवा किए जाने की सूचना मिली है। इन सब के अलावा मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में भी एक पुलिसकर्मी के रिश्तेदार की अगवा कर पिटाई की गई है। आतंकियों की यह कार्रवाई उस वक्त हुई है, जबकि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव को लेकर काफी सक्रियता से तैयारी कर रही है। पुलिसकर्मियों के पारिवारिक सदस्यों के अपहरण की घटनाओं के सामने आने के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें अलग-अलग जिलों में इन सब की तलाश करने में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन कश्मीर में पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं। कश्मीर घाटी में इससे पहले तमाम पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद अब आतंकियों ने पुलिस वालों के परिवारिक सदस्यों को निशाना बनाना शुरू किया है। हाल ही में बुधवार को ही आतंकियों ने पुलवामा जिले के त्राल से पुलिसकर्मी रफीक अहमद के बेटे आसिफ अहमद को अगवा किया था। अगवा किया गया आसिफ बीएससी का छात्र है और वह यहां त्राल के पिंगलिश गांव में रहता था।