जाने कब है बुराई पर अच्छाई की विजय का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त

दशमी तिथि की शुरूआत 18 अक्टूबर 3 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगी।

रावण दहन मुहूर्त = 1:58 बजे से शाम 14:43 बजे

लखनऊ: दशहरा 18 को या 19 अक्टूबर को इस बात को लेकर इस साल उलझन की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस साल आप दशहरा किस दिन मनाएं। इस विषय में ज्योतिर्निबन्ध नामक पुस्तक में लिखा गया है कि ”आश्विनस्य सिते पक्षे दशम्यां तारकोदये। स कालो विजयो ज्ञेयः सनकार्याथासिद्धये।।” यानी आश्विन शुक्ल दशमी के सायंकाल में तारा उदित होने के समय विजय काल रहता है तो यह सभी कार्यों के लिए सिद्धिदायक होता है। विजयादशमी तिथि को लेकर शास्त्रों में कई और भी नियम बताए गए हैं। एक नियम यह है कि दशमी तिथि केवल दूसरे दिन ही दोपहर में हो तो दूसरे दिन ही दशमी मानी जाएगी। एक अन्य नियम यह है कि दशमी तिथि अगर दोनों दिन अपराह्न व्यापिनी हो और दोनों दिन श्रवण नक्षत्र हो तो विजयादशमी पहले दिन ही मनाई जाएगी क्योंकि रात्रि में तारा उदय के समय पहली दिन ही दशमी होगी। तीसरी स्थिति यह है कि अगर दशमी तिथि दोनों दिन ना हो तब जिस दिन श्रवण नक्षत्र हो उस दिन विजयादशमी मानी जाएगी। अगर श्रवण नक्षत्र दोनों दिन ना हो तब पहले दिन ही विजयादशमी मनायी जाएगी। धर्मसिंधु नामक ग्रंथ में बताया गया है कि कश्यप मुनि ने कहा है कि दशमी तिथि को दोपहर में जिस दिन श्रवण नक्षत्र हो उसी दिन विजयादशमी मनानी चाहिए क्योंकि भगवान श्रीराम ने भी इसी नक्षत्र में लंका पर विजय पाने के लिए यात्रा की थी। इसलिए इस तिथि और नक्षत्र में किसी भी शुभ काम के लिए यात्रा करना शुभ माना गया है। केरल, कर्नाटक, अहमदाबाद, इंदौर अजमेर, हरियाणा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 18 और 19 अक्टूबर दोनों दिन दशमी तिथि है और यहां पर 18 और 19 दोनों दिन श्रवण नक्षत्र का योग बन रहा है इसलिए नियमानुसार यहां 18 अक्टूबर को ही नवमी के साथ विजयादशमी मनाई जाएगी। देश के अन्य हिस्सों में जैसे, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, पूर्वी आंध्रप्रदेश, पूर्वी तेलंगाना, उत्तर पूर्वी तमिलनाडू में केवल 19 तारीख को ही अपराह्न व्यापिनी दशमी तिथि है इसलिए इन भागों में 19 तारीख को विजयादशमी मनाई जाएगी। वैसे एक प्रचलित सिद्धांत यह भी कि जिस दिन सूर्योदय के समय जो तिथि हो पूरे दिन उसी तिथि का मान रहता है। इस सिद्धांत के अनुसार इस साल नवरात्र 19 तारीख को ही मानी जाएगी क्योंकि दशमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह में है और दोपहर बाद भी दशमी लग रही है। जबकि 18 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से दशमी तिथि लग रही है। ऐसे में 19 तारीख को देश के बड़े हिस्से में विजयादशमी मनायी जाएगी इसी दिन रावण वध भी किया जाएगा।