ड्राइवर और क्लीनर की हत्या कर कानपुर में बेचता था ट्रक, 33 कत्ल के बाद गिरफ्तार

कानपुर : भोपाल में पकड़े गए 33 ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर की हत्या करके ट्रकों को लूटने वाले देश के सबसे बड़े सीरियल किलर का कानपुर कनेक्शन सामने आया है।

भोपाल पुलिस ने पूछताछ के लिए फजलगंज के स्क्रैप कारोबारी को उठा लिया। कारोबारी गड़रियनपुरवा में ट्रकों को काटने का काम करता है। एम ब्लॉक रतनलाल नगर निवासी गुरुबख्श बरारा उर्फ लकी स्क्रैप कारोबारी हैं। गड़रियनपुरवा में ट्रक समेत अन्य बड़ी गाड़ियों को काटने का काम करते हैं। शनिवार दोपहर 12:30 बजे भोपाल पुलिस ट्रक का इंजन खरीदने की बात पूछते हुए गोदाम में घुसी और लकी के सामने आते ही पिस्टल अड़ाकर कार में उठा ले गई। इस बीच उनके अपहरण की सूचना फैल गई। पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी अनंतदेव तिवारी, एसपी कंट्रोल रूम आशुतोष मिश्रा, फजलगंज इंस्पेक्टर आशीष मिश्रा समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। सर्विलांस की टीम भी सक्रिय हो गई। एसएसपी के निर्देश पर शहर की सीमाएं सील कर दी गईं। तीन घंटे की पड़ताल के बाद पता चला कि एमपी पुलिस स्क्रैप कारोबारी को पूछताछ के लिए उठाकर ले गई है। जांच में सामने आया कि भोपाल पुलिस ने 10 सितंबर को अंतरराज्यीय ट्रक लूट गैंग का खुलासा किया था। फिर एक के बाद एक करके 33 ट्रक चालक और परिचालक की हत्याओं का खुलासा हुआ था। मामले की जांच कर रही भोपाल पुलिस को पता चला कि गैंग यूपी और बिहार में लूट के ट्रकों को बेचता था। झांसी से पुराने ट्रकों को खरीदने बेचने के कारोबारी बब्लू परिहार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लकी को उठाया है। एमपी पुलिस अपने साथ में बब्लू को भी पहचान कराने के लिए लाई थी। पहचान होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया और भोपाल ले गई। एसएसपी अनंतदेव तिवारी का कहना है कि गड़रियनपुरवा के स्क्रैप कारोबारी को भोपाल पुलिस एक बड़े अपराधिक मामले में पूछताछ के लिए उठाकर ले गई है। वहां की पुलिस से बात करके इसकी पुष्टि कर ली गई है।

व्यापारी से पूछताछ के बाद ही साफ हो पाएगा कि स्क्रैप कारोबारी की मामले में क्या भूमिका है। इसके बाद शहर पुलिस भी मामले में कार्रवाई करेगी। यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई बार फजलगंज और गड़रियनपुरवा के कारखानों में चोरी की गाड़ी काटने का खेल सामने आ चुका है। फजलगंज में एक दो नहीं सैकड़ों व्यापारी सिर्फ दो पहिया और चार पहिया गाड़ियां काटने का काम करते हैं। इसके बाद भी फजलगंज थाने या फिर शहर की पुलिस आज तक इन गोदामों में होने वाले चोरी की गाड़ियां काटने का खेल नहीं पकड़ सकी। या फिर सेटिंग गेटिंग के चलते पुलिस जानबूझकर आंख मूंदे रहती है। असलहाधारी युवकों को देखकर वहां मौजूद लकी के पार्टनर रिंकू समेत अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया। रिंकू ने लकी के पिता जगदीश चंद्र बरारा और फजलगंज पुलिस को असलहाधारी बदमाशों ने लकी के अपहरण करने की सूचना दी। गड़रियनपुरवा से स्क्रैप कारोबारी के अपहरण की सूचना पर एसएसपी अनंदेव समेत थानों की पुलिस करीब तीन घंटे तक अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए जूझती रही। फजलगंज इंस्पेक्टर ने बाराजोड़ टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि कार सवार लोग खुद को भोपाल पुलिस का अफसर बताकर निकल गए।