‘तितली’ ने ली आठ लोगो की जान, दिल्ली में बधाई ठण्ड, हिमाचल में बर्फबारी

ओडिशा में आए ‘तितली’ तूफान और हिमाचल के लेह में हो रही बर्फबारी का असर दिल्ली पर भी पड़ा है। गुरुवार दोपहर दिल्ली एनसीआर में धूलभरी आंधी चलने लगी। उसके बाद यहां की हवा में ठंडक महसूस होने लगी। शाम होते होते लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश की संभावना जताई है। दिन में 1 बजे के आसपास पूरे एनसीआर में धूलभरी आंधियां चलने लगीं और शाम होते-होते ठंड बढ़ गई। हालत यह हुई कि लोगों को सिरहन सी महसूस होने लगी।

नई दिल्ली: गुरुवार सुबह मौसम बिल्कुल सामान्य था और दिन के 1 बजे तक धूप खिली थी। तेज हवाएं चलने से लोगों ने ठंडक महसूस की। हालांकि इसे तूफान तितली का असर कम और पहाड़ों में बर्फबारी का ज्यादा असर बताया जा रहा है। वैसे मौसम विभाग काफी पहले चेता चुका है कि इस साल ठंड कुछ पहले शुरू हो जाएगी क्योंकि बारिश मॉनसून के अंतिम दिनों तक अच्छी-खासी हुई है। मौसम के बदलाव में हिमाचल की बर्फबारी का ज्यादा असर बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में आज बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है, जबकि कुछ लोग घरों में फंसे हुए भी है। पहले भी मौसम विभाग आशंका जता चुका है कि मॉनसून के अंतिम दिनों तक अच्छी खासी बारिश होने के कारण इस साल ठंड समय से पहले शुरू हो जाएगी। दिल्ली में गुरुवार सुबह ऐसा कोई अनुमान नहीं था कि लोगों को ठंड महसूस होगी। सुबह में आकाश में आंशिक रूप से बादल छाए रहे और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम में औसत तापमान से चार डिग्री ज्यादा था। हालांकि मौसम विभाग ने शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया था। आसमान में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई थी। वहीं आज भी मौसम विभाग ने दिल्ली एनसीआर समेत मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रुड़की और सहारनपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने कहा है कि आने वाले दो दिनों में दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है। उसके बाद मौसम एकदम से बदल जाएगा और पारे में गिरावट आएगी। चक्रवाती तूफान तितली ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के उत्तर के तटीय इलाकों में कहर बरपाया। तूफान के चलते हुए अलग-अलग हादसों में आठ लोग मारे गए। तूफान ने गुरुवार तड़के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच दस्तक दी। इसके चलते कई पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिर गए और फसलों को भी नुकसान पहुंचा। आंध्र के श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिले तूफान से प्रभावित हुए हैं, जिसने ओडिशा की सीमा से सटे पलासा तट के पास दस्तक दी। श्रीकाकुलम में बड़े पैमाने पर नारियल के पेड़ उखड़ कर गिर गए। अधिकारियों ने बताया कि श्रीकाकुलम जिले में पांच लोगों की मौत होने जबकि पड़ोसी विजयनगरम जिले में तीन लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। मृतकों में छह मछुआरे शामिल हैं। दोनों जिलों में चक्रवाती तूफान के चलते भारी बारिश हुई। ओडिशा में हालांकि किसी की जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन यह राज्य के गजपति और गंजम जिलों में भारी तबाही के निशान छोड़ गया जहां पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए और झोंपड़ीनुमा घर बर्बाद हो गए। मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चक्रवात ‘तितली’ आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम जिले में पलासा के पास ओडिशा में गोपालपुर के दक्षिण-पश्चिम तट पर सुबह साढ़े चार और साढ़े पांच बजे के बीच पहुंचा। चक्रवात के साथ 140-150 किलोमीटर से 165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।