…तो इसलिए आदिकाल से ही गाय के गोबर की इतनी मान्यता है

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हिन्दू धर्म में गाय को बहुत ही पवित्र पशु माना गया है। ऐसा माना जाता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए गाय को पूजा जाता है। गाय के गोबर को अगर घर में इस्तेमाल किया जाए तो यह भी हिन्दू धर्म में शुभ माना जाता है। गाय के गोबर में लक्ष्मी का निवास माना गया है। इसिलए जब भी किसी भी प्रकार का कोई पूजन होता है तो उस जगह को गाय के गोबर से शुध्द किया जाता है। आज हम आपसे कुछ इसी सिलसिले में चर्चा करने वाले हैं। आज हम जानेगे कि आखिर क्यों गाय का गोबर को हिन्दू धर्म में इतनी ज्यादा मान्यता प्राप्त है।...तो इसलिए आदिकाल से ही गाय के गोबर की इतनी मान्यता है

प्राचीन काल में मिट्टी और गाय का गोबर शरीर पर मलकर साधु संत स्नान भी किया करते थे। इसके पीछे धार्मिक कारण यह है कि गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास माना जाता है।

गाय के गोबर में हैजे के कीटाणुओ को खत्म करने की ताकत है, क्षय रोगियों को गाय के बाड़े में रखने से गोबर-गौ मूत्र का गंध से क्षय रोग के कीटाणु मर जाते है।

मरें पशु के एक सींग में गोबर भरकर भूमि में दबाने से कुछ समय बाद समाधि खाद मिलता है जो कई एकड़ भूमि के लिए उपयोगी होता है।

किसी भी धार्मिक कार्यों में गाय के गोबर से स्थान को पवित्र किया जाता है। गाय के गोबर से बने उपले से हवन कुण्ड की अग्नि जलाई जाती है।