दरबदलू नेताओं की कहानी खुद उन्हीं की जबानी

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हैदराबाद: तेलंगाना में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्य में दिसंबर में चुनाव होंगे। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा की पत्नी पद्मिनी रेड्डी ने गुरुवार दोपहर को भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने अपने मन मुताबिक सीट ना मिलने की वजह से पार्टी छोड़ दी थी। लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया और दोबारा कांग्रेस पार्टी में चली गईं। दरअसल, हुआ यूं कि गुरुवार को पद्मिनी रेड्डी ने भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष के लक्ष्मण और राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव की मौजूदगी में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। लेकिन शाम को उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना फैसला बदल लिया है और वह कांग्रेस पार्टी में ही रहेंगी। पद्मिनी सांगा रेड्डी या फिर मेदक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती हैं। उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उन्हें पता चला कि कांग्रेस एक परिवार से एक ही सदस्य को टिकट दे रही है और उन्हें टिकट देने के बारे में कोई विचार नहीं किया जा रहा है। यह नियम वर्तमान विधायकों पर भी लागू होता है। टीपीसीसी की स्क्रिनिंग समिति ने सांगा रेड्डी निर्वाचन क्षेत्र से उनके नाम को मंजूर नहीं किया। उनके बदले पूर्व विधायक जग्गा रेड्डी को टिकट देने का सुझाव दिया, जिन्होंने 2009 चुनाव में जीत दर्ज की थी। दिलचस्प बात यह है कि राजा नरसिम्हा खुद सक्रिनिंग समिति के अध्यक्ष हैं। पद्मिनी रेड्डी ने मीडिया को बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता उनके इस फैसले से नाखुश थे और उन्होंनें उन्हें पुनर्विचार करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘उनकी (कार्यकर्ताओं) भवनाओं की कद्र करते हुए मैंने भाजपा में शामिल होने का अपना फैसला रद्द कर दिया।’