दर्शकों से गुलजार रहा शिल्प हैण्डीक्राफ्ट मेला

-डी.एन. वर्मा

लखनऊ : यहाँ रायबरेली रोड स्थित रामभरोसे मैकूलाल इण्टर कालेज के मैदान, तेलीबाग में चल रहे लखनऊ शिल्प हैण्डीक्राफ्ट मेला गुरुवार को भी दर्शकों से गुलजार रहा। ज्यादातर स्टालों पर मिल रही छूट का दर्शकों ने भरपूर फायदा उठाया। भदोही से कारपेट लेकर आये अबरार अहमद ने बताया कि वे यहाँ पर लगभग आठ लाख रुपये का माल लेकर आये हैं। उनके पास एक हजार से पचास हजार रुपये तक की कारपेट उपलब्ध है। ये बीस प्रतिशत की छूट भी दे रहे हैं। रामपुर से आये नदीम रजाई, बेडसीट, सोफा, कुशन, मसनत व डायनिंग टेबल कवर तथा दीवान सेट लाये हैं। यह भी बीस फीसदी की छूट दे रहे हैं। मुरादाबाद के अनस फैन्सी जूतियाँ लेकर आये हैं। गुजरात के उत्तम भाई कुर्ती, लहंगा व बंधेज की साड़ियाँ लाये हैं। हिमाचल प्रदेश से दीपक कुमार शाल, स्टाल, स्वेटर व मफलर आदि लाये हैं।

राजस्थान के बीकानेर से आयें कन्हैया लाल दालमोठ, अचार, गजक आदि लाये है। विशेष क्या लाये हैं, पूछने पर बताते है कि स्पेशल गट्टा लाये है जिसकी सब्जी बनती है। यह 280 रुपये प्रतिकिलो की दर से बेंच रहे हैं। इसके अलावा तिरंगा पापड़ लाये हैं जो 80 रुपये में 200 ग्राम मिल रहा हैं। इसकी विशेषता यह है कि इसमें एक पापड़ में तीन रंग व तीन स्वाद खाने वाले को मिलेंगे। सोनू 35 तरह का राजस्थानी अचार व मुरब्बा लाये हैं जिसे दोसौ रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा सकता है। लखनऊ के अमौसी निवासी विशाल ने लुधियाना के ऊनी वस्त्रों की सेल लगायी है। इनके यहां सौरुपये में स्टाल तथा डेढ़सौ में बड़ी शाल ली जा सकती है। इन्होंने बताया कि मात्र बीस रुपये प्रति पीस का लाभ लेकर यह बिक्री कर रहे हैं। लखनऊ से ही एक और स्टाल आया है जहाँ पर आप डीसेन्ट किचन आइटम्स खरीद सकते हैं। यह सभी ऐसे आइटम्स हैं जिनका माइक्रोवेव में भी प्रयोग किया जा सकता है।

अब्दुल वासिद सहारनपुर से आये हैं। इनके पास हाथ से बने लकड़ी के चार सौ से अधिक आइटम्स हैं जिनकी कीमत तीस से लेकर तीन हजार रुपये तक है। मेले के सांस्कृतिक मंच पर केन्द्रीय विद्यालय के छात्र अंशिका व आयुश यादव ने ‘‘आ जा आ जा तेरी याद सताये दूल्हे राजा’’ के बोल वाले गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी। जिसके लिए इन दोनों बच्चों को जन सहयोग एवं विकास संस्थान, सोरांव, इलाहाबाद की तरफ से पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया। यहां देश के 27 राज्यों से हस्तशिल्पी आये हुए हैं, जो बहुत ही कम कीमत में अपना उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। लगभग प्रत्येक स्टॉल पर कुछ न कुछ छूट भी दी जा रही है। 10 दिसम्बर तक रोजाना प्रातः 10 से रात 9 बजे तक चलने वाले इस मेले में फूड जोन व सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि भी दर्शकों के मनोरंजन के लिए रखे गये हैं। मेले में प्रवेश पूर्णतयः निःशुल्क है।