दिग्विजय सिंह ने कहा, POK सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने भोपाल में ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कहा कि हम तो चाहते हैं कि भारत में रहे कश्मीर। पीओके सहित पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए। दिग्विजय से सवाल किया गया था कि आपको क्या लग रहा है कश्मीर आजाद हो जाएगा या पाकिस्तान में चला जाएगा? वहीं, दिग्विजय सिंह ने जम्मू-कश्मीर में हुए पुलवामा हमले को लेकर केंद्र सरकार पर फिर निशाना साधा। दिग्विजय ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने खुद कहा कि पुलवामा हमला खुफिया विफलता थी। यदि किसी और देश में ऐसी घटना होती तो यदि प्रधानमंत्री से नहीं तो गृह मंत्री से जरूर इस्तीफा ले लिया जाता। लेकिन यहां, जो सवाल उठाता है उसे गद्दार करार दे दिया जाता है।’

बता दें कि इस साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के काफिले को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाते हुए तबाह कर दिया था।

कांग्रेस वापसी करती है
कांग्रेस के वर्तमान में अपने सबसे बुरे दौर में गुजरने पर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि ऐसा कई बार हुआ है, जब जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया है और लोग कहते हैं कि कांग्रेस चली गई है, लेकिन हम हमेशा ‘बाउंस बैक’ करते हैं।

जब उनसे सवाल किया गया कि आने वाले समय में आप कांग्रेस का भविष्य क्या देखते हैं, तो इसके जवाब में दिग्विजय ने कहा कि ऐसा है कई बार लोग कांग्रेस को ‘राइट आफ’ कर चुके हैं। लेकिन हम हमेशा बाउंस बैक करते हैं। मध्यप्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव के परिणाम आने से पहले किसी ने नहीं कहा था कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार आयेगी, लेकिन हमने यहां सरकार बनाई।

वाजपेयी को किया याद
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को हटाये जाने पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीति थी कि जम्हूरियत, कश्मीरियत एवं इंसानियत के रास्ते से ही कश्मीर का हल ढ़ूंढा जा सकता है, लेकिन इन तीनों चीजों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ठुकरा दिया। अनुच्छेद 370 पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने यहां ‘प्रेस से मिलिये’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘इसको हिंदू-मुस्लिम के नजरिये से नहीं देखना चाहिए।