देवी के इस मंदिर में आज भी दी जाती है मासूमों की बलि…

- in अजब-गजब

आजकल को दौर को लेकर कहा जाता है कि इंसान बहुत आगे बढ़ चुका है। जहां हर तरफ एक सभ्य व पढा लिखा समाज दिखाई देने लगा है। लेकिन दोस्तों आज भी दुनिया मे कुछ लोग ऐसे हैं। जिनमें कूट कूटकर रूढीवादिता भरी हुई है। आज भी लोग पूजा पाठ के नाम पर ऐसी कुरीतियों का पालन करते नजर आते है। जो वासत्व मे चौंकाने वाली होती है। सबसे हैरारन करने वाली बात तो यह है कि एक पढ़ा लिखा वर्ग भी इसमे पीछे नहीं है। सब कुछ समझने के बाद भी इस तरह की परंपराओं का विरोध नहीं कर पाता है।

देवी के इस मंदिर में आज भी दी जाती है मासूमों की बलि…आज आपको एक ऐसे त्योंहार के बारे मे बता रहे है। जिसके बारे मे जानकर आप भी सौचने पर मजबूर होंगे। कुंबा भरानी नाम के इस त्यौहार को ही देख लीजिए जहां अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए मासूम बच्चों की बलि चढ़ाई जाती है। केरल के अलाप्पुझा में चेट्टीकुलांगरा देवी मंदिर में कुछ लोग गरीब लोगों से उनके बच्चों को खरीद लेते है। और यहां त्योंहार के नाम पर उनकी बलि चढ़ा दी जाती है।

हालांकि अब इस तरह के मामले सामने ऩहीं आते है। कहा जाता है कि 250 साल पुरानी इस परंपरा में पहले लोग मनोकामना पूरी होनें पर अपने ही बच्चों की बलि देते थे। इसे लेकर कहा जाता है कि यहां आठ से दस साल के बच्चों को खरीद जाता था। जहां कई गरीब बच्चों को बेचने के लिए तैयार हो जाते थे। कहा जाता है कि इसमें भद्रकाली देवी की पूजा की जाती है।

बता दें कि यह प्रथा कुठियट्टम नामक एक प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। कहा जाता है कि पहले यहां पर पूजा के नाम पर करीब सात दिन पहले से ही कार्य शुरू कर दिया जाता था। कहते है की इन बच्चों को नृत्य सिखाया जाता था और राजा की तरह तैयार करते थे। इस कार्य मे किसी तरह बच्चों की हत्या नही की जाती है।

बल्कि बच्चों के शरीर में एक तार घुसाया जाता है। जहां पर से खून निकलने पर लोग उस पर नारियल पानी डालते है। इसके बाद उस तार को मंदिर मे चढ़ा दिया जाता है। बता दें कि साल 2016 से इस कार्य पर बैन लगा दिया गया है।