नागरिकता बिल पर असम-त्रिपुरा के बाद मेघालय में भी इंटरनेट बंद, पुलिस फायरिंग में दो की मौत

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को लेकर पूर्वोत्तर में ‘अशांति’ है. हालांकि डिब्रूगढ़ में आज सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है. हालात सुधारने के लिए असम में सेना की 5 टुकड़ियां तैनात की गईं है. साथ ही असम में इंटरनेट सर्विस 48 घंटे के लिए बंद रखी गई है. सभी स्कूल 22 दिसंबर तक बंद हैं. विरोध-प्रदर्शन के हालात इतने खराब हैं कि असम में 24 ट्रेनें और 4 फ्लाइट रद्द की गईं हैं.

प्रमुख बातें…

1-कर्फ्यू में कुछ घंटोंं की राहत गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में.
2-गुवाहाटी में सुबह 6 से 1 बजे तक कर्फ्यू में राहत.
3-डिब्रूगढ़ में सुबह 8 से 1 बजे तक कर्फ्यू में राहत.
4-जो यात्री वहां फंसे हैं वो इस समय में निकल सकते हैं.
5-आंदोलनकारी आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे.
6-मांग एक ही है नागरिकता संसोधन बिल को वापस लिया जाए.
7-तेजपुर जोरहाट सहित दस जिलों में कर्फ्यू लागू है.

उधर, त्रिपुरा में भी सेना की 3 टुकड़ियां तैनात की गई हैं. असम और त्रिपुरा में रणजी मैच को सस्पेंड किया गया. इसी बीच गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को हटा दिया गया और मुन्ना प्रसाद गुप्ता को गुवाहाटी की जिम्मेदारी दी है.

असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल ने लोगों से शांति की अपील की है. उन्‍होंने कहा कि मैं असम के सभी वर्ग के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. ये असम के लोगों की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक परंपरा है. मुझे पूरा भरोसा है हमेशा की तरह असम के लोग शांति बनाए रखेंगे. कुछ लोग प्रदेश के लोगों को गुमराह करने और स्थिति को बिगाड़ने के लिए भ्रामक बयान दे रहे हैं. कैब को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. बताया जा रहा है असम में 10 से 15 मिलियन लोगों को नागरिकता मिलने जा रही है. ये पूरी तरह से गलत है. मैं अपील करता हूं असम के लोग इस पर भरोसा न करें. जो लोग इस तरह का गलत प्रचार कर रहे हैं वो असम में शांति की स्थिति को बिगाड़ना चाहते हैं