निराश्रित महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है : योगी


लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वृंदावन में महिला आश्रय सदन कृष्ण कुटीर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि निराश्रित महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से है जोड़ना है। कृष्ण की नगरी में एक नई सोच के साथ एक हजार विधवा महिलाओं के लिए ‘कृष्णा कुटीर’ भवन शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और लखनऊ में इस तरह के सदन बनवाने के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं, बेटियों को उचित अवसर प्राप्त हों तो समाज में उनका योगदान विशिष्ट हो सकता है। ऐसा ही निराश्रित महिलाओं के साथ भी है। समाज में संपत्ति को लेकर अनेक महिलाओं को परिवार ठुकरा देते हैं। योगी ने कहा, हमें उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। उनके लिए नजरिए को भी बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए निराश्रित होने के साथ साधना करना मुश्किल है।

ऐसी महिलाओं के लिए सदन की जरूरत है। ऐसी महिलाओं को सदन में लाया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस महिला आश्रय सदन के संचालन के लिए 7.38 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की है। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी 72 लाख रुपये प्रतिवर्ष का प्रावधान अपने बजट में किया है। उन्होंने कहा कि कृष्ण कुटीर में रहने वाली वृद्धाओं की देखभाल जिला प्रशासन करेगा। स्वास्थ्य विभाग हर महीने स्वास्थ्य शिविर लगाएगा। संस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका स्किल डेवलपमेंट भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधिगण भी समय-समय पर आकर यहां की भोजन व अन्य व्यवस्थाओं को देखें और प्रयास करें कि यहां पर कुछ न कुछ बेहतर होता रहे। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने वृंदावन व उसके आसपास के 7 तीर्थों को चिह्न्ति करके उनके विकास के लिए तीर्थ स्थल विकास बोर्ड का गठन किया गया है।