पराली नहीं, प्रदूषण से घुट रहा है दिल्ली वालों का दम

नई दिल्ली : पिछले दो सालों से दिल्ली में प्रदूषण की वजह पराली को बताया जा रहा था, लेकिन अब जा कर पता चला है कि दिल्ली में प्रदूषण की वजह पराली नहीं है। अपने प्रदूषण से ही दिल्ली का दम घुट रहा है। इन दिनों दिल्ली में स्माग की गहरी परत छाई हुई है। लोग आंखों और सीने में जलन, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल स्थिति सामान्य होने की संभावना नहीं है। लोगों को इसी तरह घुटन भरी सांसें लेनी होगी। हवा गति में बदलाव होने पर ही प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार दिल्ली का दम घुटने की वजह हवा की गति का गिरना और हवा में नमी का स्तर बढ़ना है। तापमान में तेजी से आ रही कमी ने आग में घी का काम किया है। स्काईमेट के चीफ मेट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर महेश पलावत के अनुसार अगले कुछ दिनों में प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बादल छाए रहेंगे, हवा और तापमान में कमी जारी रहेगी। पराली का धुआं इस बार नहीं है। इस बार दिल्ली की अपनी वजहों से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में सड़कों पर ट्रैफिक, फैक्ट्रियों से निकल रहा धुआं आदि की वजह से प्रदूषण इस स्तर तक पहुंच गया है। यह पहला मौका है जब बिना पराली के धुएं के दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना अधिक बढ़ा है। आमतौर पर दिसंबर में दिल्ली की स्थिति बेहद खराब श्रेणी में ही रहती है।