पिस्ते माशूम: यमन के अखाड़े में ईरान और सऊदी का मुक़ाबला, बस हवाई हमले में गयी, 29 स्कूली बच्चों जान

नई दिल्ली : उत्तरी यमन के अशांत इलाक़ों में एक हवाई हुआ है, जिसमे क़रीब 60 स्कूली बच्चों के घायल होने की खबर आ रही है| वहीं यह भी बताया जा रहा है की इस हवाई हमले में 29 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई है,और लगभग 30 घायल हैं| वहीं यह भी बताया जा रहा है की, यह हवाई हमला सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की तरफ से एक बस पर की गई है| यह गठबंधन हूथी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे यमन सरकार का समर्थन करने वाले है|

वहीं हूथी विद्रोही समूह के चलाए जा रहे स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है, कि हमले में 43 लोगों की मौत हो गई है| उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर की उम्र “दस साल” से कम थी| वहीं यमन की सरकार को हूथी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ समर्थन दे रहे समूह का कहना है, कि उसकी यह कार्रवाई सही है| जबकि प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मल्की ने अपने एक बयान में कहा है कि, यह हवाई हमला अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप थी| उन्होंने यह भी बताया कि यह हवाई हमला, हूथी विद्रोहियों के बैलिस्टिक मिसाइल के जवाब में किया गया है| वहीं सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार का कहना है कि, उसने कभी भी जान-बूझकर आम लोगों को निशाना नहीं बनाया है| जबकि मानवतावादी समूहों ने गठबंधन की सरकार पर आरोप लगाया है कि, वो स्कूल, बाज़ार, हॉस्पिटल और आवासीय क्षेत्र को निशाना बना रही है| वहीं उनका यह भी कहना है कि यह सबकुछ पिछले तीन सालों से चल रहा है| जबकि रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय कमेटी ने ट्विटर कर बताया, कि शाद इलाक़े के अस्पताल में दर्जनों घायल लोगो को गुरुवार को भर्ती किए गए| वहीं देश में काम कर रही कमेटी का कहना है कि इस हमले के शिकार लोगों में अधिकतर की उम्र “दश साल” से कम है| वहीं संगठन का यह भी कहना है, कि वो अस्पतालों में अतिरिक्त सेवा मुहैया करा रहा है| बताया जा रहा है,की साल 2014 के बाद से अब तक “दस हज़ार” लोग मारे जा चुके हैं| जिनमें से दो-तिहाई आम नागरिक भी शामिल है| वहीं इस गृह युद्ध की वजह से यमन में भुखमरी के हालात हो गए हैं, और “दस लाख” लोग बेहद मुश्किल में जीवन जी रहे हैं|