पीएम मोदी हुए सख्त, सर्जिकल स्ट्राइक पर मंत्री न करें बयानबाजी

- in संपादकीय

pm-modi-surgical-strike_05_10_2016नई दिल्‍ली। सर्जिकल स्‍ट्राइक पर छिड़ी बहस को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी मंत्रियों से इस बाबत होने वाली बयानबाजी के बीच न पड़ने की सख्‍त हिदायत दी है। बुधवार को कैबिनेट के सहयोगियों के साथ हुई एक अहम बैठक के दौरान पीएम ने यह निर्देश साफतौर पर अपने मंत्रियों को दिया है। इस संदेश में उन्‍होंने साफ कर दिया है कि सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर कोई भी मंत्री बयानबाजी नहीं करेगा।

क्‍या थी ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’

गौरतलब है कि बीते बुधवार (28 सितंबर) की रात भारत ने पीओके में मौजूद आतंकी शिविरों को खत्‍म करने के मकसद से वहां अपने जांबाज कमांडो की टीम भेजकर सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था। इसमें कई शिविरों को खत्‍म कर दिया गया था और कई आतंकी भी इस सर्जिकल स्‍ट्राइक के दौरान मारे गए थे। उरी हमले के बाद बारामुला में सेना के मुख्‍यालय पर आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाया गया यह बड़ा कदम था। इन दोनोंं आतंकी हमलों में करीब 20 जवान शहीद हो गए थे।

यूएनजीए मेंं नवाज की रणनीति

यह हमला उस वक्‍त हुआ था जब न्‍यूयार्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा का 71वां सत्र शुरू होने वाला था। इस सत्र के लिए पाकिस्‍तान के पीएम नवाज शरीफ ने खास रणनीति बनाई थी। वह इस दौरान जम्‍मू कश्‍मीर का मुद्दा उठाकर इसका अंतरराष्‍ट्रीयकरण करना चाहते थे। लेकिन उनके न्‍यूयार्क के लिए रवाना होने के बाद ही आतंकियों ने उरी में सेना के मुख्‍यालय पर हमला कर दिया था।

उरी हमले में पाक ने नहीं माने सबूत

इसके बाद भारत ने न सिर्फ पाकिस्‍तान को इसके सबूत सौंपे थे बल्कि अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान को अलग-थलग करने की रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया था। पाकिस्‍तान लगातार इन सबूतों को नजरअंदाज करता रहा है। इसके अलावा उसने भारत पर ही यह हमला करवाने का आरोप भी मढ़ दिया था। पाकिस्‍तान के रक्षा मंत्री ने ही इस बात को कहा कि यह हमला भारत ने ही अंतरराष्‍ट्रीय जगत का ध्‍यान जम्‍मू कश्‍मीर के मुद्दे से हटाने के लिए किया है। पाकिस्‍तान ने इसके पीछे पीएम मोदी और भारतीय एनएसए अजित डोभाल को जिम्‍मेदार ठहराया था।

यूएनजीए में सुषमा का पाक को जवाब

इस बीच पाकिस्‍तान के पीएम ने यूएनजीए में जम्‍मू कश्‍मीर का मुद्दा उठाने के लिए पीओके स्थित मुज्‍जफराबाद में वहां के नेताओं से मुलाकात भी की थी और संबोधन से ठीक पहले पाक आर्मी के चीफ से भी बात की थी। उन्‍होंने यूएनजीए में अपने संबोधन के दौरान भारत पर कई तरह के आरोप लगाए थे। जवाब में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने विश्‍व को पाकिस्‍तान के दुष्‍प्रचार समेत बलूचिस्‍तान में उसकी करतूतों का कच्‍चा चिटठा खोल दिया था।

सार्क सम्‍मेलन का बहिष्‍कार

यूएनजीए में पाकिस्‍तान को मिली करारी हार के बाद भारत ने अपने दूसरे कदम के तहत सार्क सम्‍मेलन का बहिष्‍कार कर दिया। जिसके बाद अफगानिस्‍तान, श्रीलंका, बांग्‍लादेश और मालद्वीप ने भी इस सम्‍मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था। इसके चलते इस सम्‍मेलन को रद करना पड़ता था। इससे अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान को अलग-थलग करने में भारत को कामयाबी मिली।

रूस, अमेरिका, ने सर्जिकल स्‍ट्राइक को बताया सही

इसी दौरान भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम भी दिया। रूस समेत अफगानिस्‍तान ने इस सर्जिकल स्‍ट्राइक का आगे बढ़कर समर्थन किया है। वहीं अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर भारत का साथ दिया है। लेकिन सर्जिकल स्‍ट्राइक पहले पीएम मोदी की बढ़ाई करने वाले दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाद में इस संबंध में सबूत उजागर करने की बात कहकर एक नई बहस को जन्‍म दे दिया।

सर्जिकल स्‍ट्राइक पर सियासत

हालांकि पाकिस्‍तान इस तरह के दावे को बार-बार झूठा बताता आ रहा है। वहीं केजरीवाल के बयान से पाकिस्‍तान के दावे को बल भी मिला। इतना ही नहीं शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने एक कदम आगे बढ़कर इसको पूरी तरह से फर्जी करार दे दिया। उनका कहना था कि जबतक इसका सबूत सरकार पेश नहीं करती है तब तक इसको फर्जी ही माना जाएगा। उन्‍होंने यहां तक कहा कि यह सब सरकार एक साजिश के तहत ऐसा दुष्‍प्रचार कर रही है।