पीटीए के प्रशिक्षु सिद्धार्थ विश्वकर्मा ने फेनेस्टा ओपन राष्ट्रीय टेनिस में जीता पुरूष एकल का खिताब

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लखनऊ : राजधानी की प्रोफेशनल टेनिस अकादमी (पीटीए) के प्रशिक्षु सिद्धार्थ विश्वकर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित फेनेस्टा ओपन राष्ट्रीय टेनिस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरूष एकल का खिताब जीता।

नई दिल्ली के डीएलटीए काम्पलेक्स में गत छह अक्टूबर को हुए पुरूष एकल के फाइनल में सिद्धार्थ विश्वकर्मा ने टॉप सीड अर्जुन खाड़े को कड़ी टक्कर देते हुए 6-2, 6-7(2), 6-3 से मात देकर विजेता ट्राफी अपने नाम की। सिद्धार्थ ने तीन सेट तक खिंचे मुकाबले में दूसरे सेट में ब्रेक प्वाइंट से जीत दर्ज करने के बाद तीसरे सेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और खिताबी जीत दर्ज की। उन्होंने पूरे मैच में अपनी रिटर्न सर्विस से अर्जुन को खासा परेशान किया। खराब सेहत के चलते टेनिस से लगभग एक साल दूर रहे सिद्धार्थ विश्वकर्मा पिछले आठ माह से कोच कमलेश शुक्ला से टिप्स लेकर अभ्यास कर रहे है। सिद्धार्थ ने अपनी जीत का श्रेय कोच कमलेश शुक्ला को देते हुए बताया कि मैं हर दिन सात से आठघंटे प्रैक्टिस कर रहा हूं। इसमें दो घंटे कोच कमलेश शुक्ला सर के साथ हिटिंग की और फिटनेस कोच नितिन शुक्ला के साथ दो घंटे फिटनेस ट्रेनिंग भी करता हूं। कोच ने मेरी फिटनेस व तकनीक की कमियों को बारीकी से दुरूस्त कराया। उन्हीं की वजह से मैने फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप जीती। मैने प्रैक्टिस के वीडियों को देखकर कमियों में सुधार किया। वहीं रिकवरी के लिए कोरियन टिश्यू रिकवरी मशीन से सप्ताह में पांच दिन अभ्यास किया जिसका मुझे खूब फायदा मिला। कोच कमलेश शुक्ला ने बताया कि सिद्धार्थ को सप्ताह में चार दिन अमेरिका से मंगाई गई एटीपी स्पीड गन सर्विस मशीन (एशिया में पहली) से रिटर्न सर्विस की प्रैक्टिस कराई। वहीं ऑस्ट्रेलियन स्पिन फायर मशीन से सप्ताह में दो-तीन दिन 1000 गेंद ड्रिल, सेल्फ ड्रिल, मेंटल ट्रेनिंग दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धार्थ विश्वकर्मा आने वाले समय में इंडियन टेनिस सर्किट का नया सितारा साबित होंगे और इंटरनेशनल सर्किट पर भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाएंगे।