प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मालदीव के नए राष्ट्रपति ने खोली चीन की पोल

माले : मालदीव के नए राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह ने शनिवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा। सोलिह ने बताया कि कैसे चीन की तरफ झुकाव रखने वाली पिछली सरकार की वजह से मालदीव को लूटा गया। सोलिह ने कहा कि अब्दुल्ला यमीन की सरकार ने चीन से पहले तो भारी-भरकम कर्ज ले लिया और इसके साथ ही सरकारी खजाना भी खाली कर दिया, जिससे देश के सामने गंभीर वित्तीय संकट पैदा हो गया है। राष्ट्रपति सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। नए राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह ने राष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम में हुए शपथ ग्रहण समारोह के फौरन बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मसलों पर बात हुई। दोनों नेताओं ने शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समृद्ध देश बनने के सभी कोशिशों में एक-दूसरे को हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिया।

गौरतलब है कि मालदीव में सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव हुए थे, इसमें इब्राहिम सोलिह ने अब्दुल्ला यामीन को भारी अंतर से हरा दिया। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को चीन की तरफ झुकाव रखने वाला माना जाता है, अपने राजनीतिक विरोधियों को जेल में डलवाने के कारण यामीन को काफी अंतरराष्ट्रीय दबाव भी झेलना पड़ा। दूसरी ओर हिंद महासागर में बसा खूबसूरत देश मालदीव अपने द्वीपों और शानदार रिजॉर्ट्स के लिए जाना जाता है। चीन इसे अपने नए बाजार के रूप में देख रहा है। चीन ने अपने ‘बेल्ट ऐंड रोड इनिशएटिव’ यानी सिल्क रोड के तहत सड़क और हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए मालदीव में लाखों डॉलर्स का निवेश किया है। सोलिह ने बताया कि चीन ने बेशक निवेश किया, लेकिन इससे मालदीव कर्ज में फंस गया। मेरी सरकार इस बात की जांच करेंगी कि पिछली सरकार में प्रोजेक्ट्स के ठेके चीनी कंपनियों को कैसे मिले? इब्राहिम सोलिह ने कहा, मैं राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रहा हूं, देश की वित्तीय स्थिति अनिश्चित है। काफी ज्यादा नुकसान उन प्रोजेक्ट्स के कारण हुआ है, जिन्हें सिर्फ राजनीतिक मकसद से और घाटे में शुरू किया गया।