फ्लाइट में क्रॉप टॉप पहने लड़की से कर्मचारियों ने कहा- ‘ढक लो या उतर जाओ’

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एक महिला यात्री को क्रॉप टॉप पहनने पर फ्लाइट में सफर करने से रोकने की धमकी दी गई और उसे कपड़े बदलने पर मजबूर किया गया. एमिली ओ कोनोर नाम की एक महिला 2 मार्च को यूके के बर्मिघम से कैनरी आईलैंड जा रही थी. थॉमस कुक एयरलाइन्स के स्टाफ ने उनके कपड़ों को ‘अनुचित’ बताया. महिला ने काले रंग के क्रॉप टॉप के साथ हाई वेस्ट पैंट पहनी हुई थी. एयरलाइन के कर्मचारियों ने कहा कि उनके कपड़ों से अश्लीलता फैल रही है.

एमिली ने सुरक्षा जांच के समय कोई शिकायत नहीं की लेकिन जब वह बोर्डिंग के लिए पहुंची तो करीब 4 स्टाफ कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया और कपड़े बदलने या खुद को ना ढकने पर फ्लाइट से बाहर निकालने की धमकी देने लगे. ‘द सन’ को दिए इंटरव्यू में एमिली ने कहा, यह मेरी जिंदगी का सबसे सेक्सिस्ट और शर्मिंदगी वाला अनुभव था. एमिली ने कहा, मेरे पीछे बैठे दो लड़कों ने शॉर्ट्स और वेस्ट टॉप पहन रखा था लेकिन उन्हें कुछ नहीं कहा गया.

महिला ने आस-पास बैठे यात्रियों से पूछा कि क्या उसके पहनावे से वे असहज महसूस कर रहे हैं लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद किसी ने एमिली के कपड़ों के बारे में स्पीकर पर कॉमेंट कर दिया जिससे एमिली को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई.

एमिली ने बताया कि इस घटना से वह आहत और परेशान हो गई थीं. एमिली ने दावा किया कि प्लेन पर एक अन्य पुरुष ने उन्हें प्रताड़ित किया. एमिली ने बताया, वह गालियां देते हुए मुझ पर चिल्लाने लगा- चुप हो जाओ और एक जैकेट डाल लो. लेकिन क्रू ने जवाब में कुछ नहीं कहा. इसके बाद एमिली की कजिन ने उसे एक जैकेट दी लेकिन फ्लाइट के कर्मचारी तब तक नहीं हटे जब तक उसने जैकेट पहन नहीं ली.

एमिली ने ट्विटर पर तस्वीर के साथ पूरी कहानी शेयर की है. घटना का विरोध होने के बाद एयरलाइन्स के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि थॉमस कुक केबिन सर्विस के डायरेक्टर ने निजी रूप से एमिली से बात की और माफी मांगी.

एयरलाइन ने अपने बयान में कहा, “हमें अफसोस है कि हमने एमिली को तकलीफ पहुंचाई. साफ है कि हम स्थिति को ज्यादा अच्छी तरह से संभाल सकते थे. अधिकतर एयरलाइन्स की तरह हमने भी पहनावे के लिए कुछ नियम बना रखे हैं जो पुरुषों और महिलाओं पर बिना किसी भेदभाव के लागू होते हैं. हमारे क्रू के पास नियमों को लागू कराने का मुश्किल काम है और कई बार चीजें सही ढंग से नहीं हो पाती हैं.”