बल्लेबाज,कप्तान,विकेटकीपर..ऐसे कोच जिसने विश्व कप पर कब्जा करवाया

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आज टीम इंडिया के द वॉल राहुल द्रविड़ का 46वां जन्मदिन है। क्रिकेट ग्राउंड पर ढेरों रिकॉर्ड्स कायम करने के बाद राहुल एक सफल कोच भी साबित हुए हैं। बता दें कि भले ही राहुल की कप्तानी में भारत में विश्व कप न आया हो लेकिन बतौर कोच राहुल ने अंडर 19 टीम इंडिया के जरिए विश्व कप घर लाए हैं। अंडर 19 की इस जीत ने साबित कर दिया कि राहुल द्रविड़ कितने अच्छे कोच हैं। राहुल द्रविड़ ने भारत को पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ी दिए हैं। आईपीएल में तो जगह बनाई ही टीम इंडिया में भी इतनी कम उम्र में डेब्यू किया।

बल्लेबाज,कप्तान,विकेटकीपर..ऐसे कोच जिसने विश्व कप पर कब्जा करवाया 11 जनवरी 1973 को इंदौर में राहुल का जन्म हुआ था। क्रिकेट के ‘मक्का’ लॉर्ड्स में साल 1996 में भारतीय टीम सीरीज खेल रही थी। भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन थे। तब राहुल द्रिवड़ को संजय मांजरेकर के चोटिल होने की वजह से टीम में जगह मिली थी। 20 जून 1996 को राहुल द्रविड़ ने टेस्ट डेब्यू किया था। राहुल ने अपने डेब्यू मैच में 95 रन बना लिए थे। इस पारी में उन्होंने 267 गेंदों का सामना कर छह चौके लगाए थे।

3 अप्रैल 1996 को राहुल द्रविड़ ने अपने वनडे क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। सिंगर कप में श्रीलंका के खिलाफ सिंगापुर में विनोद कांबली की जगह राहुल को लाया गया था हालांकि पहले मैच में राहुल कुछ खास नहीं कर पाए थे। उन्होंने केवल 3 रन बनाए और मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर आउट हो गए थे। मालूम हो कि उस मैच में भारत की टीम ने पहले बल्लेबाजी की और 199 रन बनाए थे, लेकिन गेंदबाजों की बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका को 12 रनों से हरा दिया था।

15 साल के अपने लंबे करियर में राहुल द्रविड़ ने केवल एक टी-20 मैच खेला जिसमें उन्होंने 3 छक्के जड़े थे। उन्होंने केवल 1 टी-20 खेल कर क्रिकेट करियर को अलविदा कहा था। ऐसा करने वाले वो अब तक के इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्होंने उस मैच में 21 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी।

राहुल द्रविड़ ने 286 टेस्ट क्रिकेट की पारिया खेलीं जिसमें उन्होंने सबसे ज्यादा गेंदों का सामना किया है। उन्होंने 31, 258 गेंदों का सामना किया था और 13288 रन बनाए थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा, 210 कैच पकड़ने का रिकॉर्ड भी राहुल के नाम ही है। बता दें कि किसी भी गैर विकेटकीपर द्वारा लिए गए ये अब तक के सबसे ज्यादा कैच हैं। राहुल राहुल द्रविड़ विदेशी पिचों पर बेहतरीन बल्लेबाज रहे हैं। आधुनिक क्रिकेट की बात करें तो राहुल द्रविड़ ही एक ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लगातार चार टेस्ट मैचों में चार सेंचुरी मारी है। उन्होंने 115, 148 और 201 रनों की पारियां इंग्लैंड दौरे खेली हैं, फिर विंडीज के खिलाफ मुंबई में भी शतक लगाया था।

राहुल को ब्रांडेड टेस्ट क्रिकेटर कहा जाता था। वह वनडे के भी शानदार बल्लेबाज रहे हैं। 1999 के विश्व कप में उन्होंने सबसे ज्यादा (461) रन बनाए थे। वर्ल्ड कप मैचों के लिए वो बेस्ट बल्लेबाज माने जाते थे। जब टीम इंडिया विकेटकीपर को टीम में नहीं रख पा रही थी तब द्रविड़ ने विकेटकीपर की भी भूमिका बखूबी निभाई थी। उन्होंने अच्छी विकेटकीपिंग की थी। कीपर के रूप में उन्होंने 73 वनडे मैच में 2300 रन बनाए थे जो धोनी के बाद सबसे ज्यादा हैं।