बिजली के बिना विकास की कल्पना मुश्किल : रघुवर दास

- in झारखण्ड

गढ़वा : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आधुनिक जीवन में विद्युत के महत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि बिजली के बिना आधुनिक जीवन एवं विकास की कल्पना मुश्किल है। श्री दास ने गढ़वा जिले के रमना प्रखंड के भागोडीह गांव में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड एवं झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के तत्वाधान में 220/132 केवी एवं 132/33 केवी ग्रिड सब स्टेशन के संचरण लाइन का शिलान्यास एवं दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के विद्युतीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2015 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद 1000 दिन में राज्य सरकार ने सात लाख घरों को बिजली से आच्छादित करने का कार्य किया है। इससे पूर्व राज्य में निवास करने वाले 68 लाख परिवारों में से सिर्फ 38 लाख घर तक बिजली पहुंची थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसे चुनौती के रूप में लिया और 2018 तक राज्य के हर घर को बिजली से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, समय के साथ सोच बदलने की जरूरत है। सोच बदलने से ही परिवर्तन की बयार बहेगी। छोटे -छोटे कार्य अपने देश, राज्य और समाज के उत्थान के लिए करें और नया भारत नया झारखण्ड के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करें। श्री दास ने कहा कि पलामू जिले में पांच सब स्टेशन और पूरे राज्य में 257 सब स्टेशन एवं 60 ग्रिड का निर्माण प्रक्रियाधीन है।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत गढ़वा ही नहीं बल्कि राज्य के सभी गांव में बिजली पहुंचाना है। कृषि कार्य, घरों के दैनिक कार्य और उद्योगों के कार्य के लिए अलग से फीडर निर्माण की योजना पर कार्य हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 24 घंटा राज्य की जनता को बिजली प्राप्त हो, इस पर कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है, बस व्यवस्थित ढंग से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली के संचरण और उसके वितरण पर गहन मंथन कर कार्य कर रही है। इसके लिए व्यापक एवं प्रभावकारी योजना का निर्माण किया जा रहा ताकि 2019 तक झारखण्ड ‘पावर हब’ के रूप में विकसित हो सके। जनता को राहत देने के लिए इस क्षेत्र में सरकार लगातार कार्य कर रही है। श्री दास ने कहा कि पलामू और गढ़वा पानी के अभाव में हमेशा अकाल की चपेट में आ जाता है। पानी की जरूरत को राज्य सरकार ने समझा और जाना है इसलिए पलामू में पानी की समस्या ने निजात दिलाने के लिये 15 हजार करोड़ की योजना का शिलान्यास राज्य स्थापना दिवस से पहले होगा।