बिना दुल्हन स्वदेश वापस लौटी अफगानिस्तान से आई बारात

अफगानिस्तान के रहने वाले फरीदुल राफ्ताई (29) एक साल पहले सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद की एक लड़की के संपर्क में आए थे। इस दौरान दोनों लगातार चैटिंग करते रहे और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार हो गया। ये प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया, ये जानते हुए भी कि दोनों अलग-अलग देश के हैं। 

बिना दुल्हन स्वदेश वापस लौटी अफगानिस्तान से आई बारातहालांकि शुरुआत में दोनों के परिवार वालों ने थोड़ी ना-नुकुर की, लेकिन बाद में वो भी राजी हो गए। बस फिर क्या था, शादी की तारीख तय हो गई। शनिवार को फरीदुल अपने पिता मोहम्मद कादिर (60), मां अदिला राफ्ताई (57), बहन नादिया (23) चाचा कासिम वापसी (70) और अफगानिस्तान और नीदरलैंड के कुछ रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर भारत पहुंच गए। 

सोमवार को निकाह की रस्में शुरू हो गईं। इस दौरान लड़की के कुछ रिश्तेदारों ने निकाह के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। दरअसल, ये लोग लड़की की शादी किसी दूसरे देश में करने को राजी नहीं थे, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने शादी नहीं करने का फैसला किया, जिसके बाद अफगानिस्तान से आई बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। 

बाद में, लड़की के पिता ने मीडिया को बताया कि वह चाहते हैं कि उनकी बेटी मेडिकल की पढ़ाई करे और डॉक्टर बने।  साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि बेटी की शादी किसी दूसरे देश में करने का उनका फैसला सही नहीं था। 

वहीं, स्थानीय इनपुट से सूचना मिलने पर जिला पुलिस भी हरकत में आ गई और अफगानिस्तान और नीदरलैंड से आए लोगों के वीजा और पासपोर्ट की जांच शुरू हो गई। हालांकि जांच में सबकुछ सही पाया गया। 

संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया ‘सभी लोगों के वीजा और पासपोर्ट की जांच की गई, जिसमें सबकुछ सही पाया गया। लड़की के परिवार वालों द्वारा शादी न करने का फैसला करना उनका निजी मामला है।