बीकानेर जमीन घोटाला : ईडी के 11 अधिकारी वाड्रा और उनकी मां से करेंगे पूछताछ, 55 सवालों की लिस्ट तैयार


नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति एवं सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रगीं। दरअसल, बीकानेर जमीन घोटाला मामले में वाड्रा से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ मंगलवार को भी जारी रहेगी। इस बार ये पूछताछ दिल्ली नहीं बल्कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में हो रही है। खास बाच ये है कि इस दौरान ईडी सिर्फ रॉबर्ट वाड्रा से ही नहीं बल्कि उनकी मां मौरीन वाड्रा से भी पूछताछ कर सकती है। इसके लिए वह सोमवार दोपहर को अपमी मां मौरीन वाड्रा के साथ जयपुर पहुंच गए हैं। वाड्रा से पूछताछ से पहले प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर के बाहर राहुल-प्रियंका और वाड्रा के पोस्टर लगे हैं।, जिसमें लिखा है- कट्टर सोच नहीं युवा जोश। जन-जन की है यही पुकार, राहुल-जी, प्रियंका जी अबकी बार। ईडी ने अपने छापे में यह पाया था कि जिस महेश नागर के जरिए स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी की जमीन बीकानेर में खरीदी गई थी, वह जमीन महेश नागर के ड्राइवर अशोक कुमार के पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए खरीदी गई थी। लिहाजा यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर क्या जरूरत थी कि ड्राइवर के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करनी पड़ी। ऐसे में सवाल उठते हैं कि ड्राइवर के पास इतने पैसे कहां से आए और उसने कैसे खरीददारी की और पैसे लोगों को कैसे दिए गए, दलाल जयप्रकाश बांगड़वा से कैसे संपर्क में आए और इसको कैसे भुगतान किया। बताया जा रहा है कि रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां से ईडी के कुल 11 अधिकारी पूछताछ करेंगे, इन अधिकारियों ने करीब 55 सवालों की लिस्ट तैयार की है। ऐसे में माना जा रहा है कि पूछताछ लंबी खिंच सकती है। इन सवालों में वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए जमीनों की खरीद फरोख्त में पैसे के इस्तेमाल को लेकर पूछा जाना है। बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने वाड्रा को ईडी के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं लेकिन उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।
क्या है मामला : यह मामला महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम पर हुए फर्जी आवंटन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर ऐसे लोगों ने अपने नाम पर आवंटित करवा लिया जो हकीकत में विस्थापित किसान नहीं थे। इसके बाद यह जमीनें बिकती गई। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट ने भी यहां 74.85 हेक्टेयर जमीन खरीदी और उसे ज्यादा दाम में बेच दिया। मामला प्रकाश में आने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद ईडी ने सितंबर 2015 में इस मामले की जांच शुरू की। मई 2016 में इस मामले को लेकर कुछ गिरफ्तारियां हुईं। जिसके बाद ईडी ने वाड्रा की कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी किया। इस मामले में गजनेर और कोलायत थानों में करीब 18 एफआईआर दर्ज हैं। बता दें कि वाड्रा अभी तक तीन बार दिल्ली के ईडी दफ्तर में पेश हो चुके हैं, जहां उनसे क्रमश: 5 घंटे, 8 घंटे और 6 घंटे तक पूछताछ हुई थी। ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के सामने लंदन में फ्लैट की डिटेल्स रखीं, हालांकि वाड्रा ने इन सभी आरोपों को झुठला दिया।
वाड्रा का सरकार पर निशाना : ईडी की पूछताछ से पहले रॉबर्ट वाड्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि मैं अपनी 75 वर्षीय मां के साथ ईडी के सामने पेश होने जा रहा हूं। ये केंद्र सरकार सीनियर सिटिजन के साथ इस प्रकार दुर्व्यवहार कर रही है, जो एक कार क्रैश में अपनी बेटी को चुकी है, अपने बेटे और पति को भी वह खो चुकी हैं। वाड्रा ने कहा कि तीन मौतों के बाद मैंने सिर्फ उन्हें कुछ समय मेरे दफ्तर में बिताने को कहा और उनपर भी इस तरह के आरोप लगा दिए। रॉबर्ट वाड्रा ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 4 साल 8 महीने में इस सरकार ने कुछ नहीं किया, लेकिन लोकसभा चुनाव से एक महीने पहले ही मुझ पर आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार को लगता है कि लोगों को ये नहीं दिख रहा?