बेटी की मुस्कुराहट पर मां को शक हुआ, जब डॉक्टर ने बताई सच्चाई तो उड़ गए होश

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स्कॉटलैंड में रहने वाली 7 साल की मेघन इवांस की हंसी के पीछे एक बहुत बड़ा राज निकला. मेघन एक नॉर्मल बच्ची थी लेकिन उसकी अजीब मुस्कुराहट पर पैरेंट जेसन और चार्लीन को कुछ शक हुआ. लगातार कई दिनों से मेघन की हंसी नोटिस करने के बाद उन्होंने देखा कि मेंघन कई बार बिना बात ही पागलों की तरह हंसती है. मेघन के पेरेंट्स ने समझा कि उनकी नन्ही जान मनोरोग का शिकार हो गई है, तो वो तुरंत डॉक्टर के पास पहंचे. डॉक्टर ने जो सच्चाई बताई उसके बाद मेघन के पेरेंट्स के पैरों तले से जमीन खिसक गई.

बेटी की मुस्कुराहट पर मां को शक हुआ, जब डॉक्टर ने बताई सच्चाई तो उड़ गए होश

 डॉक्टर को मेघन के पेरेंट्स ने जो शिकायत बताई उससे डॉक्टर ने मेघन का ब्रेन स्कैन करवाया. स्कैन कराने की रिपोर्ट से पता चला कि उसके दिमाग में हमरटोमा बढ़ रहा है, जो उसके बेतुकी बातें और हंसने की वजह था.

 संतरे के बराबर का था ट्यूमर

डॉक्टर ने मेघन का सिटी स्कैन करके बताया कि उसके दिमाग में एक संतरे के बराबर ट्यूमर हो चुका है, जो कभी भी उसकी जान ले सकता है. मेघन के पेरेंट्स ने तुरंत आनन-फानन में सर्जरी कराने को तैयार हुए, लेकिन डॉक्टर ने बताया कि इस ऑपरेशन से ट्यूमर निकलेगा या नहीं इस बात का कोई भी पक्का नहीं है.

 12 घंटे तक चली जटिल प्रक्रिया

मेघन को इस पागलपन से बचाने के लिए डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया. 12 घंटे तक चली ऑपरेशन की इस जटिल प्रक्रिया के बाद मेघन के ब्रेन से ट्यूमर निकाल दिया गया. इस ऑपरेशन से एक और समस्या उत्पन्न हो गई. इस ऑपरेशन से मेघन ने बोलने की शक्ति खो दी.

 फिर सामने आई दुखभरी खबर

ऑपरेशन के बाद में मेघन ने बोलने की शक्ति खो दी, जिससे मेघन के पेरेंट्स यह सोच रहे थे कि उनके हंसते खेलते परिवार को अचानक क्या हो गया. डॉक्टर ने कई स्पीच थेरेपी सेशन के बाद मेघन की बोलने की शक्ति को वापस ला दिया, पर वो सिर्फ इतना ही बोल पाती थी जितना वह बचपन में बोलती थी. दो-तीन महीने के बाद मेघन बोलने के मामले में वापस सामान्य हो गई. लेकिन एक बार फिर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया उनके सामने एक और नई समस्या उभर आई.

 इस ऑपरेशन से मेघन के दिमाग पर असर पड़ा जिस कारण उसकी देखने की क्षमता मात्र 3% रह गई थी. अब मेघन को चलने के लिए वॉकिंग स्टिक का सहारा लेना पड़ता था. इस छोटी सी बच्ची के इस प्रकार चलने से पूरा परिवार दुख झेल रहा था. परिवार के सामने उम्मीद की मात्र एक किरण जिंदा थी. डॉक्टर ने बताया कि मेघन की शक्ति लाने के लिए एक बहुत ही महंगा और रेयर ऑपरेशन होगा जो जर्मनी में होता है.

 फेसबुक से मिली मदद

मेघन का परिवार डॉक्टर के बताए गए ऑपरेशन का खर्चा वहन नहीं कर सकता था. मेघन के पेरेंट्स पैसों की कमी के चलते अपनी बेटी को नहीं खोना चाहते थी इसलिए उन्होंने Facebook को जरिया बनाया. फेसबुक पेज बनाकर उन्होंने अपनी बेटी के ऑपरेशन के लिए लोगों से मदद मांगी और लोगों ने इसमें खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. लोगो के दान से मेघन का ऑपरेशन हुआ और अब वो एक सामान्य बच्ची की तरह अपनी जिंदगी जी रही है.