बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप : प्री-चर्टर फाइनल की चुनौती का सामना करेंगे 5 भारतीय

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बासेल : विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के चौथे दिन गुरुवार को सेंट जैकोब्सहाल में भारत के पांच अग्रणी बैडमिंटन खिलाड़ी प्री.चर्टर फाइनल की कठिन चुनौती का सामना करेंगे। पुरुष वर्ग में जहां टूनार्मेंट के सातवें सीड किदाम्बी श्रीकांत थाईलैंड के कांटाफोन वांचारोएन की चुनौती का सामना करेंगे, वहीं एचएस प्रणाय को तीसरे दौर में दुनिया के नम्बर-1 खिलाड़ी जापान के केंटो मोमोता से भिडऩा है।

इसी तरह साई 16वें सीड साई प्रणीत को छठे सीड इंडोनेशियाई खिलाड़ी एंटोनी सिनीसुका गिटिंग का सामना करना है। महिला वर्ग में दुनिया की पांचवें नम्बर की खिलाड़ी पुरुसुला वेंकट सिंधु का सामना अमेरिका की बेइवेन झांग से होगा। झांग टूर्नामेंट की नौवीं सीड खिलाड़ी हैं। महिला वर्ग में ही रजत पदक विजेता सायना नेहवाल का सामना डेनमार्क की मिया ब्लीकफेल्ड से होगा। सायना टूर्नामेंट की आठवीं और ब्लीक 12वीं सीड खिलाड़ी हैं।
विश्व चैम्पियनशिप में दो रजत और दो कांस्य जीतने के बाद स्वर्ण की तलाश में लगीं सिंधु ने पहले दौर में बाई मिलने के बाद बुधवार को अपने दूसरे दौर के मुकाबले में चीनी ताइपे की यू पो पाई को हराया था।
सिंधु ने बेशक अपना पहला मुकाबला आसानी से जीत लिया लेकिन झांग के साथ उनका मुकाबला आसान नहीं होगा क्योंकि झांग हमेशा से कठिन प्रतिद्वंद्वी रही हैं। अब तक दोनों खिलाडिय़ों के बीच कुल सात मुकाबले हुए हैं, जिनमें से चार में सिंधु ने बाजी मारी है। इस साल इन दोनों के बीच अब तक कोई मुकाबला नहीं हुआ है लेकिन 2018 में दोनों चार बार भिड़ी थीं और दोनों ने 2-2 बार जीत हासिल की थी। श्रीकांत को कांटाफोन के खिलाफ सावधानी से खेलना होगा क्योंकि अब तक खेले गए उनके दोनों मुकाबले तीन गेम तक खिंचे हैं। श्रीकांत ने बुधवार को अपने दूसरे दौर के मुकाबले में इजरायल के मिशा जिल्बेरमैन को 13-21, 21-13, 21-16 से हराया था। इससे पहले श्रीकांत ने अपने पहले दौर के मुकाबले में आयरलैंड के गैरवरीय खिलाड़ी नहत नग्वेन को 17-21, 21-16, 21-6 से हराया था।
सबसे कठिन मुकाबला प्रणाय के खाते में है। अगर वह दुनिया के नम्बर-1 खिलाड़ी मोमोटा के खिलाफ मैच जीत जाते हैं तो आगे उनसे काफी उम्मीदें पाली जा सकती हैं लेकिन अब तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रणाय के लिए यह काम काफी मुश्किल नजर आ रहा है क्योंकि दोनों के बीच अब तक चार मुकाबले हुए हैं और हर बार मोमोटा की जीत हुई है।
पांच साल पहले प्रणाय ने मोमोता खिलाफ फ्रेंच ओपन में एक गेम जीता था लेकिन उससे पहले और उसके बाद मोमोता के खिलाफ प्रणाय को सीधे गेम में हार मिली है। इस साल सिंगापुर ओपन में दोनों का सामना हुआ था, जिसे मोमोता ने आसानी से अपने नाम किया था।
जहां तक प्रणीत की बात है तो वह गिंटिंग के खिलाफ जीत हासिल कर सकते हैं। इन दोनों के बीच यह पांचवां मुकाबला होगा। दोनों की 2-2 बार जीत हुई है। इस साल आस्ट्रेलियन ओपन में हालांकि गिंटिंग ने प्रणीत को हराया था। इस मैच के पहले गेम में 25-23 के स्कोर के साथ फैसला हुआ था लेकिन दूसरे गेम में प्रणीत 9-21 से हार गए थे।
सायना नेहवाल की बात करें तो पहले दौर में बाई मिलने के बाद इन्होंने अपने पहले मुकाबले में नीदरलैंड्स की सोराया एबेरजेन को आसानी से 21-10, 21-11 से हराया था। ब्लीक के साथ उनका पहली बार सामना होगा, जो पहले दौर में बाई हासिल करने के बाद अपने दूसरे दौर के मुकाबले में बेल्जियम की लिएने तान को हराने में सफल रही थीं।
टूनार्मेंट के अन्य सभी वर्गों में भारतीय चुनौती समाप्त हो चुकी है।