बड़ा खुलासा: लड़कियों को शिक्षित न करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 300 खरब डॉलर का नुकसान

लड़कियों को शिक्षा से दूर रखने की कीमत सिर्फ दो परिवारों को नहीं बल्कि पूरे विश्व को चुकानी पड़ती है। ‘संयुक्त राष्ट्र मलाला दिवस’ के मौके पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए विश्व बैंक ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा में बाधा डालने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 150 से 300 खरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

‘मिस्ड अपार्चुनिटीज : द हाई कॉस्ट ऑफ नॉट एजुकेटिंग गर्ल्स’ नामक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि निम्न आय वर्ग वाले देशों में दो तिहाई से भी कम लड़कियां अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी कर पाती हैं। वहीं तीन में से केवल एक लड़की माध्यमिक शिक्षा पूरी कर पाती है। कई वयस्क महिलाओं को युवावस्था में सार्वभौमिक माध्यमिक शिक्षा का लाभ नहीं मिलने के कारण आज मानव पूंजीगत धन में दुनियाभर में 150 से 300 खरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। औसतन माध्यमिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं में काम करके पैसा कमाने की संभावना अशिक्षित महिलाओं से लगभग दोगुनी होती है।

मलाला ने कहा कि जब 13 करोड़ लड़कियां शिक्षा के अभाव में इंजीनियर, पत्रकार या सीईओ नहीं बन पातीं तो हमारे विश्व को खरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता है। यदि ऐसा होता तो वैश्विक अर्थव्यवस्था, जन स्वास्थ्य और स्थिरता को मजबूत किया जा सकता है।

21 साल की हो गईं मलाला

12 जुलाई को सबसे कम उम्र की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के जन्मदिन पर ‘मलाला दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन को मलाला ने 2013 में अपने 16 वें जन्मदिन पर महिलाओं को शिक्षित करने का आह्वान किया था। बृहस्पतिवार को मलाला 21 साल की हो गईं।