बड़ी खबर: यशवंत से पहले निकले गये ये 7 बीजेपी नेतावों ने मोदी सरकार पर भड़ास

बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्ह ने हाल ही में नरेंद्र मोदी सरकार पर जीएसटी और नोटबंदी जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा था। ऐसा पहली बार नहीं है जब यशवंत सिन्हा ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर निशाना साधा हो, इससे पहले भी कई मुद्दों को लेकर यशवंत सिन्हा हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रख चुके हैं। 27 सितंबर को एक न्यूजपेपर के आर्टिकल में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी  सरकार की आर्थिक नीति पर निशाना साधा था। सिन्हा ने विशेष रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि भारत की अर्थव्यवस्था “कठिन लैंडिंग” की ओर बढ़ रही है। यशवंत सिन्हा ही नहीं पार्टी के कई ऐसे नेता है जो कि समय आने पर अपनी पार्टी की आलोचना करने से परहेज नहीं करते हैं. आज हम आपको उन 7 नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने मोदी सरकार पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली है।बड़ी खबर: यशवंत से पहले निकले गये ये 7 बीजेपी नेतावों ने मोदी सरकार पर भड़ास

पहले बात करते हैं शत्रुघ्न सिन्हा की जो कि मोदी सरकार के फैसलों पर अक्सर आलोचना करते हैं।  शत्रुघ्न सिन्हा ही एक ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने मोदी सरकार पर की गई यशवंत सिन्हा की आलोचनाओं पर उनका खुलकर समर्थन किया था। पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने उस समय अपनी पार्टी को शर्मिंदा कर दिया था जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी और उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदवी पार्टी के राजनेताओं लालू प्रसाद यादव, अरविंद केजरीवाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा और उनमें मित्रता को लेकर बात कह दी थी। इसी तरह क्रिकेटर से राजनेता कीर्ती आजाद ने साल 2015 में वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निजी टिप्पणी कर दी थी। आजाद ने संसद में जेटली के साथ किसी मुद्दे पर बहस की थी और फिर सोशल मीडिया पर उन्हें नपुंसक कह दिया था।

वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी ने भी मोदी सरकार गठन पर अपनी नाराजगी जताई थी क्योंकि मोदी कैबिनेट में उन्हें कोई पद नहीं सौंपा गया था। इतना ही नहीं अडवाणी ने 2014 में जब लोकसभा चुनावों में मोदी को प्रधानमंत्री का चेहरा बताया गया था तब भी अडवाणी इससे खुश नहीं थे। अडवाणी के अलावा वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी मोदी को 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का चेहरा बनाने का विरोध किया था।

कानपुर से सांसद जोशी ने मोदी सरकार के नमामि गंगे योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। जोशी ने कहा था कि उन्हें पूरा यकीन है कि अगले 50 सालों में भी गंगा की सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सकेगा। हाल ही में मोदी कैबिनेट में शामिल किए गए राज कुमार सिंह भी अपनी ही पार्टी पर निशाना साधने से चुके नहीं है. दो साल पहले बिहार में हुए विधानसभा चुनावों में उन्होंने पार्टी द्वारा अपराधियों को टिकट देने का आरोप लगाया था। सिंह के आरोपों ने बीजेपी को शर्मिंदा करने का काम किया था और बाद में अन्य पार्टियों ने भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था।

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पत्रकार से राजनेता बने अरूण शौरी पर हमेशा प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते रहे हैं. शौरी ने नोटबंदी को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि जिनके पास काला धन है, वे इसे विदेशों में रखे हुए हैं। वे कंपनियां खरीदते हैं, वे एस्टेट खरीदते हैं। डेंगू का यह मच्छर स्विटजरलैंड में उड़ रहा है और आप यहां लाठी भांज रहे हैं।’’ यशवंत सिन्हा के अलावा सुब्रमण्यम स्वामी भी वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोलते रहे हैं। स्वामी ने भी जीएसटी को लेकर सरकार को घेरा था और नई टैक्स व्यवस्था को लेकर भी सरकार को फटकार लगाई थी।