बड़ी खुशखबरी: आज 38 हजार करोड़ का बजट पेश करेगी योगी सरकार, अटल के नाम पर इन बड़ी योजनाओं का होगा ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पहला अनुपूरक बजट और इससे जुड़े विनियोग विधेयक को सोमवार को सदन में पेश करेगी। 38 हजार करोड़ से अधिक के अनुपूरक प्रस्तावों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जुड़ी योजनाएं व आयुष्मान भारत योजना मुख्य आकर्षण होंगी। प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लोकमित्र की नियुक्ति के लिए भी पैसों की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश सरकार ने अटलजी की जन्मस्थली व कर्मस्थली के विकास से जुड़े प्रस्ताव को अनुपूरक प्रस्तावों में शामिल कर लिया है। आनुपुरक बजट में आगरा के बटेश्वर में स्मारक की स्थापना, कानपुर के डीएवी कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में डवलप करने और बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर स्थापित करने के अलावा लखनऊ में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए पैसा मांगा जाएगा।

इसके अलावा केंद्र सरकार की मोदी केयर के रूप में आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए भी बजट की व्यवस्था की जाएगी। सूचना विभाग के इस प्रस्ताव को अनुपूरक में जगह मिल गई है। इसी तरह नागरिक उड्डयन को एअरपोर्ट विकास के लिए भी अनुपूरक से पैसा मिलेगा। कवि और लेखक सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को समर्पित योजना का भी एलान भी हो सकता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर भी हो सकती है योजनाएं

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर भी नई योजना आने की उम्मीद है। किसानों के ऋणामोचन के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये और लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 5000 करोड़ की मांग की गई है। इसी तरह लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी विधायकों के क्षेत्र में करीब 5-5 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए भी बजट की व्यवस्था करने के संकेत हैं।

इसके अलावा अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और मथुरा में रामलीला मैदानों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी निर्माण, पर्यटन स्थलों के विकास, कृष्ण जन्मस्थली, गोरखपुर, नैमिषारण्य, देवीपाटन, बलरामपुर, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ और वाराणसी में पर्यटन विकास, वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्कूली बच्चों को किताबें, यूनिफार्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग व मुफ्त स्वेटर उपलब्ध कराने, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दुर्बल वर्ग के बच्चों को मुफ्त पाठ्य पुस्तक व ड्रेस के अलावा अलाभित समूह की फीस प्रतिपूर्ति जैसे कार्यों के लिए भी बजट मांगा गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी करीब 140 करोड़ रुपये की मांग की है।