भय्यू जी महाराज पर अयोध्या के संतों ने लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ. आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज की आत्महत्या पर अयोध्या के संतों ने अपनी मिलीजुली प्रतिक्रिया जाहिर की है. किसी ने कहा कि शायद अपराध बोध की वजह से यह कदम उठाया गया, तो किसी की राय थी कि उनके कर्मों का फल उन्हें मिला. रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि आत्महत्या का कारण कोई न कोई जरूर था. यह रहस्य है और जिस तरह से भय्यू जी का जीवनवृत्त रहा उससे संदेह और भी बढ़ जाता है. कहीं ना कहीं उन्हें सामाजिक अपराध का बोध जरुआ हुआ होगा, तभी उन्होंने आत्महत्या जैसे घृणित कार्य किया. इसकी जांच होनी चाहिए कि आखिर वह रहस्य क्या है?
उन्होंने कहा कि यह भी पता चला है कि आत्महत्या से पहले एक महिला उनसे मिलने पहुंची थी. हो सकता है उसी ने कोई धमकी दी हो. उस महिला की खोज हो रही है. उस महिला से ही पता चलेगा कि उनके ऊपर क्या आरोप थे और उन्होंने क्यों ऐसा कदम उठाया. वहीं, दूसरी तरफ संत समिति के महामंत्री आचार्य पवन दास शास्त्री ने कहा कि भय्यूजी महाराज का जीवनवृत विलासितापूर्ण रहा है. वे संप्रदाय सिद्ध संत भी नहीं थे. न जाने किन लोगों ने उन्हें संत की उपाधि दे दी. उन्हें जरूर अपराधबोध हुआ होगा जिसके कारण इस तरह का कदम उठाना पड़ा.