भाई के सेक्युलर मोर्चा में नहीं, बेटे अखिलेश की साइकिल रैली में पहुंचे मुलायम सिंह यादव

नई दिल्‍ली : सपा में शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच चल रही रस्‍साकशी के बीच पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव अभी तक खामोशी अख्तियार कर रखी है। शिवपाल यादव के सेक्‍युलर मोर्चा बनाए जाने के बाद अपनी खामोशी तोड़ते हुए मुलायम सिंह यादव अब अखिलेश यादव की साइकिल रैली में पहुंचे।

दरअसल, शिवपाल यादव ने अपना मोर्चा बनाने के साथ ही कहा था कि मुलायम सिंह का आशीर्वाद उनके साथ है। मोर्चे के पोस्‍टर-बैनर-झंडे में भी मुलायम सिंह यादव की तस्‍वीरें लगी थीं। शिवपाल यादव ने यह भी घोषणा की थी कि मुलायम सिंह उनके बैनर तले मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि सपा इस सीट से उनकी उम्‍मीदवारी का बहुत पहले ही ऐलान कर चुकी है। मुलायम सिंह यादव के साथ रिश्तों के बारे में शिवपाल यादव ने कहा था, मेरे साथ उनका आशीर्वाद है। मैंने उन्हें मोर्चे के अध्यक्ष पद और मैनपुरी सीट से टिकट की पेशकश की है। मैं मोर्चे का संयोजक हूं, अगर नेताजी (मुलायम) अध्यक्ष का पद स्वीकार नहीं करते हैं, तो हम बाद में विचार । सपा की अंदरूनी कलह के बीच मुलायम सिंह का इस तरह अखिलेश यादव की साइकिल रैली में शिरकत करना एक तरह से शिवपाल समेत सपा कैडर को पूरी तरह से साफ संदेश है कि वह किस तरफ खड़े हैं। ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि मुलायम सिंह ने शिवपाल यादव के सेक्‍युलर मोर्चे के बारे में अभी तक कोई टिप्‍पणी नहीं की है। यह इसलिए भी अहम है क्‍योंकि शिवपाल यादव ने करीब डेढ़ साल पहले इस तरह के समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चे के गठन की बात कही थी लेकिन दबाव के बावजूद मुलायम सिंह ने उनका समर्थन नहीं किया था, इस कारण उस वक्‍त शिवपाल यादव को अपने प्‍लान को टालना पड़ा था। इससे पहले नवगठित समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने हाल में कहा कि उनका मकसद इस मोर्चे को एक बड़ी सियासी ताकत बनाकर देश-प्रदेश की सत्ता पर काबिज कराना है। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले जितने भी दल हैं, उनसे बात करके मोर्चे को एक बड़ी ताकत बनाना है और सत्ता पर काबिज होना है। यादव ने कहा कि मोर्चे को एक सियासी ताकत बनाकर देश-प्रदेश में बड़ा परिवर्तन लाना है ताकि देश-प्रदेश की तरक्की करके उसकी तस्वीर बदली जा सके।