भारत के पेशेवरों की बढ़ी आस, तुर्की पर लगे प्रतिबंध हटाने पर विचार कर सकता है, अमेरिका

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल योग्य और कुशल लोगों को ही देश में प्रवेश देना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद भारत जैसे देशों के कुशल पेशेवरों को यहां आने का अधिक अवसर मिल सकता है। ह्वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, मेरे साथ यहां का प्रशासन भी अप्रवासन को लेकर बहुत कठोर है। हम चाहते हैं कि लोग अवैध नहीं बल्कि वैध तरीके से यहां आएं। विदेशी केवल योग्यता के बल पर ही अमेरिका में प्रवेश करें। योग्यता पर जोर देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं चाहता हूं कि बड़ी संख्या में विदेशी यहां आएं लेकिन वे योग्य होने चाहिए। हम ऐसे लोग चाहते हैं, जो हमारी मदद कर सकें। यह जरूरी है। ट्रंप ने चेन माइग्रेशन पॉलिसी का विरोध भी किया। किसी एक देश या जाति के व्यक्ति का अनुसरण करते हुए कई अन्य लोग भी उसी देश में पहुंच जाएं तो उसे चेन माइग्रेशन (अप्रवासन) कहा जाता है। राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिकी अपराधियों को देश में घुसने नहीं देना चाहते हैं। वह ऐसे लोग नहीं चाहते जो देश की सहायता नहीं कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था लोगों को आकर्षित करती है। सब यहां आना चाहते हैं। उन्हें नियंत्रित करने में हमारा सीमा सुरक्षा बल और आव्रजन विभाग बहुत अच्छा काम कर रहा है। ट्रंप ने देश में अवैध रूप से घुसने वाले परिवारों को अलग करने की नीति का समर्थन किया। उनका कहना है कि अलग होने के डर से वह घुसपैठ नहीं करेंगे। बता दें कि मई-जून में मेक्सिको से लगी सीमा के पास 2,300 बच्चों को उनके परिवार से अलग कर दिया गया था। इस कारण दुनियाभर में अमेरिका की आलोचना हुई थी। तुर्की ने दो साल से जेल में बंद अमेरिकी मिशनरी के पादरी एंड्रयू ब्रुंसन को शुक्रवार को रिहा कर दिया। इस पर ट्रंप ने कहा, अब वह तुर्की पर लगे प्रतिबंध हटाने के बारे में सोच सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। ब्रुंसन को कैद में रखने के लिए अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में तुर्की पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे।