भारत के साथ पहले टेस्ट मैच के लिए तैयारियों में जुटी अफगान टीम

- in खेल

अफगानिस्तान के कोच फिल सिमन्स का मानना है कि भारत के खिलाफ बेंगलुरू में 14 जून से शुरू होने वाले टेस्ट मैच से पहले पांच दिवसीय क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करना उनकी टीम के लिये चुनौती होगी. पिछले साल टेस्ट दर्जा पाने वाले अफगानिस्तान का यह पदार्पण टेस्ट मैच होगा. जनवरी में उसकी टीम से जुड़ने वाले सिमन्स ने टीम को विश्व कप के लिये क्वालीफाई करवाकर अपना पहला लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब उनकी निगाह टेस्ट मैच पर है.

असगर स्टेनिकजई की अगुवाई वाली टीम भारत के खिलाफ इस ऐतिहासिक मैच के लिये अब अपने ग्रेटर नोएडा और देहरादून स्थित अपने ‘घरेलू मैदानों’ में तैयारी कर रही है. सिमन्स यह सुनिश्चित करना चाह रहे हैं कि उनकी टीम दुनिया की नंबर एक टीम के खिलाफ प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन करें.

सिमन्स ने कहा, ‘इन खिलाड़ियों ने एसोसिएट देशों के साथ चार दिवसीय क्रिकेट खेली है और अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन टेस्ट मैच अलग तरह का खेल है. लड़के जल्द ही इस चीज को समझेंगे और भारत के खिलाफ खेलने से यह अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है.’

अफगानिस्तान ने दिसंबर में दूसरी बार चार दिवसीय आईसीसी अंतर महाद्वीपीय टूर्नामेंट जीता था. सिमन्स ने कहा, ‘इसलिए ऐसा नहीं है कि वे खेल के लंबे प्रारूप के बारे में नहीं जानते. टेस्ट मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संयम दिखाना होता है और यह एक बड़ा समायोजन है. हमें अगले छह सप्ताह मुख्य रूप से इसी पर काम करना होगा.’ यह एकमात्र टेस्ट मैच बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा.

वेस्टइंडीज के पूर्व आलराउंडर सिमन्स ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि हम सबसे बेहतर मैदानों में से एक में खेलेंगे. भारत में यह बल्लेबाजी के लिये सबसे बेहतर विकेटों में से एक है.’ सिमन्स को उम्मीद है कि उनके गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में सफल रहेंगे. उन्होंने कहा, ‘हमारी बल्लेबाजी की तुलना में हमारी गेंदबाजी निश्चित तौर पर मजबूत है. लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि राशिद खान , मुजीब जादरान और जाहिर खान के लिये भी विकेट लेना आसान नहीं होगा. दो (राशिद और मुजीब) अभी आईपीएल में खेल रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वे बेहतर गेंदबाज के रूप में वापसी करेंगे.’

बल्लेबाजी में उनकी उम्मीद कप्तान स्टेनिकजई, मोहम्मद शहजाद, मोहम्मद नबी और रहमत शाह पर टिकी हैं. इन सभी के नाम पर प्रथम श्रेणी मैचों में शतक दर्ज हैं.