भूतेश्वर महादेव का करामाती रहस्य, हर साल बढ़ती है शिवलिंग की लम्बाई

- in अद्धयात्म
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसा शिवलिंग मौजूद हैं जिसकी लम्बाई हर साल बढ़ती जा रही हैं,इस शिवलिंग को दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जाता हैं, हर साल शिवलिंग बढ़ने का रहस्य्मयी चमत्कार अब तक समझ नहीं आया,यह शिवलिंग भूतेश्वर महादेव के नाम से मशहूर हैं जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 90 किलोमीटर दूर गांव मरौदा के जंगलों में स्थित हैं। 
 
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसा शिवलिंग मौजूद हैं जिसकी लम्बाई हर साल बढ़ती जा रही हैं,इस शिवलिंग को दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जाता हैं, हर साल शिवलिंग बढ़ने का रहस्य्मयी चमत्कार अब तक समझ नहीं आया,यह शिवलिंग भूतेश्वर महादेव के नाम से मशहूर हैं जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 90 किलोमीटर दूर गांव मरौदा के जंगलों में स्थित हैं।     अर्धनारीश्वर इस शिवलिंग को भकुर्रा महादेव भी कहते हैं, इस मंदिर के पंडितो के अनुसार हर महाशिवरात्रि पर इस शिवलिंग की ऊंचाई नापी जाती हैं और हर साल इसकी लम्बाई एक इंच  के करीब बढ़ जाती हैं।     सावन के महीने में शिवलिंग की पूजा हेतु भक्तजन जबकि कावंड़िये लोग दर्शन हेतु दूर-दूर से आते हैं, भूतेश्वर महादेव की ऊंचाई 1952 में 35 फीट और व्यास 150 फीट थी जो वर्त्तमान में 80 फीट हो गयी।      1952 से लेकर इसकी ऊंचाई अब तक  45 फीट बढ़ चुकी इस शिवलिंग पर हल्की सी दीवार होने की वजह से अर्धनारीश्वर का प्रतीक भी माना जाता हैं।
 
अर्धनारीश्वर इस शिवलिंग को भकुर्रा महादेव भी कहते हैं, इस मंदिर के पंडितो के अनुसार हर महाशिवरात्रि पर इस शिवलिंग की ऊंचाई नापी जाती हैं और हर साल इसकी लम्बाई एक इंच  के करीब बढ़ जाती हैं। 
 
 
सावन के महीने में शिवलिंग की पूजा हेतु भक्तजन जबकि कावंड़िये लोग दर्शन हेतु दूर-दूर से आते हैं, भूतेश्वर महादेव की ऊंचाई 1952 में 35 फीट और व्यास 150 फीट थी जो वर्त्तमान में 80 फीट हो गयी। 
 
 
 
1952 से लेकर इसकी ऊंचाई अब तक  45 फीट बढ़ चुकी इस शिवलिंग पर हल्की सी दीवार होने की वजह से अर्धनारीश्वर का प्रतीक भी माना जाता हैं।