माँ दुर्गा को लाल रंग का चढ़ावा क्यों चढ़ता है ?

- in अद्धयात्म

लाल रंग का चढ़ावा – सनातन धर्म में देवी देवताओं की पूजा अर्चना पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

एक रोटी कम खाकर मंदिर सभी बनवाते हैं. भगवान् की आराधना ही यहाँ सबसे बड़ा धर्म है. देवताओं और देविओं में माँ दुर्गा का विशेष स्थान है. इन्हें शक्ति मानते हैं. माँ दुर्गा की नवरात्रि में ९ दिन तक पंडालों और घरों में पूजा अर्चना होती है. ९ दिन का उपवास रखकर माँ की आराधना की जाती है. माँ को इन ९ दिन अलग अलग तरह के पकवान बनाकर भेंट किये जाते हैं, लेकिन माँ दुर्गा को लाल रंग का चढ़ावा – माँ की चुनरी लाल रंग की ही होती है, क्योंकि माँ को ये रंग बेहद पसंद है.माँ दुर्गा को लाल रंग का चढ़ावा क्यों चढ़ता है ?

हिन्दू धर्म में माँ दुर्गा की पूजा का विशेष प्रावधान है.

इन्हें शक्ति का प्रारूप माना गया है. हर व्यक्ति यही सोचता है कि यथासाध्य पूरे विधि विधान के साथ मां शक्ति स्वरुपा की पूजा अर्चना करें. इसके लिए सभी प्रचलित रिवाज को अपनाते हैं .लेकिन ऐसा बहुत कम होता है कि इन विधि विधान के पीछे के असली वजह को भी हम जानते हों. बस हम अपने पूर्वजों की कही हुई बात को मानते चले आते हैं.

हम ऐसा सोचते हैं कि वो जो भी बना के गए हैं वाही सही है. इसके पीछे का कभी कारण जानने की कोशिश नहीं करते.

आपने अक्सर देखा होगा कि जब भी दुर्गा पूजा आती है माँ दुर्गा को लाल रंग से सजाया जाता है.

क्या कभी आपने ये सोचने की कोशिश की कि आखिर क्यों ऐसा किया जाता है. सिर्फ माँ दुर्गा को लाल रंग का चढ़ावा क्यों होता है?

लाल रंग का खास महत्व क्यों है? असल में माता दुर्गा को लाल रंग अति प्रिय होने के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही महत्व हैं. शास्त्रों के अनुसार जब माता ने राक्षसों का संहार किया तो उनका शरीर रक्त से लाल हो गया था. अपने इस रुप को पाकर वो प्रसन्न हो गई थीं.

राक्षसों का संहार करके माता ने इस धरती को पापियों से बचाया था. ऐसे में बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी.

जब माँ ने राक्षसों को हराया तभी से माँ को लाल रंग से स्नेह हो गया.

माता रानी इस लाल रंग को अपने श्रृंगार में शामिल कर लीं. तभी से ये लाल रंग माता के स्वरुप से जुड़ गया और ऐसी मान्यता बन गई कि लाल रंग की वस्तुएं चढाने से मां बहुत प्रसन्न होती हैं. इसके अलावा लाल रंग का अपना महत्व है. इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है.

इसे साहस और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए जो लोग पूजा करते हैं वो लाल सिन्दूर, लाल चुनरी आदि का प्रबंध करते हैं.

माता रानी को लाल रंग से ख़ास लगाव इसीलिए हुआ. अगर माता को लाल रंग का फूल, खासतौर पर लाल गुड़हल का फूल चढ़ाया जाए तो माता बहुत खुश होती हैं. इससे माता प्रसन्न होती हैं और आपको आशीर्वाद देती हैं. आपके बिगड़े काम बन जाते हैं.

तो अब से आप इस लाल रंग की महत्ता को समझ लीजिए और जब भी माता की आराधना कीजिये लाल रंग की उसमें अधिकता रखिये. इससे आपका सारा काम पूर्ण होगा. आपके बिगड़े काम भी बन जाएंगे और माता रानी का स्नेह आप पर बना रहेगा.